अररिया: बिहार के अररिया जिले में खुद को 2018 बैच का सब इंस्पेक्टर बताकर लोगों से उगाही करने वाले एक फर्जी दारोगा को नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर आमजन को धमकाता और ठगता था. पुलिस ने उसके पास से नकली पिस्टल, वर्दी और बाइक बरामद की है.
कैसे हुआ पुलिस को शक
पुलिस को सूचना मिली थी कि समाहरणालय परिसर में पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूम रहा है. उसका हाव-भाव और बातचीत का तरीका पुलिसकर्मी जैसा नहीं लग रहा था. सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने तुरंत टीम गठित की.
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तलाशी के दौरान पकड़ा गया आरोपी
थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक के नेतृत्व में पुअनि अमरेंद्र सिंह, पुअनि ललित सिंह और सअनि पुष्कर सिंह की टीम समाहरणालय पहुंची. निर्वाचन कार्यालय के पास एक व्यक्ति दारोगा की वर्दी में बाइक से जा रहा था. पुलिस ने उसे रोका और नाम-पता पूछा तो उसने खुद को 2018 बैच का दारोगा रणवीर कुमार बताया.
पूछताछ में खुली पोल
जब पुलिस ने विभागीय सीनियर अधिकारियों के नाम, थाना कार्यप्रणाली, ट्रेनिंग और नियुक्ति से जुड़े सवाल किए तो आरोपी गोल-मोल जवाब देने लगा. कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया. शक गहराते ही उसे हिरासत में लेकर नगर थाना लाया गया.

तीन साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा
पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम रणवीर कुमार बताया. वह मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर दुधैला गांव का रहने वाला अर्जुन पासवान का पुत्र है. उसने कबूल किया कि पिछले तीन वर्षों से वह फर्जी सब इंस्पेक्टर बनकर आसपास के जिलों में ठगी कर रहा था. वर्दी की आड़ में सीधे-साधे लोगों को डरा-धमकाकर पैसे ऐंठता था.
पुलिस कार्यालय और हाइवे पर करता था शिकार
आरोपी पुलिस कार्यालयों के आसपास घूमता रहता था. पैरवी के नाम पर जनता दरबार में आने वाले लोगों से उनके काम कराने के बदले उगाही करता था. कभी हाइवे पर बाहर राज्य की गाड़ियों को रोककर चालान काटने की धमकी देकर पैसे वसूलता था. उसके पास मिली पिस्टल भी जांच में काले रंग का नकली लाइटर निकली.














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