बिहार के महत्वपूर्ण पुलों में शामिल विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण की दिशा में अब तेजी से काम शुरू हो गया है। पुल के ध्वस्त और कमजोर हिस्सों का तकनीकी आकलन करने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम भागलपुर पहुंची और सेतु के विभिन्न हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एसपी सिंगला की आठ सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने पुल के कई हिस्सों की जांच की। टीम ने यह मूल्यांकन किया कि किन हिस्सों को पूरी तरह हटाने की आवश्यकता है और नए निर्माण के लिए किस प्रकार की तकनीक और संरचना अपनाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, डिजाइन और निर्माण मॉडल पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

तकनीकी विशेषज्ञों और पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह तय किया गया कि क्षतिग्रस्त हिस्सों में आधुनिक तकनीक के तहत कम्पोजिट स्टील बीम और कंक्रीट डेक आधारित संरचना तैयार की जाएगी। यह तकनीक पुल की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर चुनी गई है।

इधर, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दी है। परियोजना को स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी की जिम्मेदारी खगड़िया पुल निर्माण प्रमंडल को सौंपी गई है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ध्वस्त हिस्से के अलावा तीन अन्य स्थानों पर भी संरचनात्मक कमजोरी पाई गई है। इन हिस्सों को भी हटाकर नए सिरे से निर्माण करने की योजना बनाई गई है। फिलहाल यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार स्थानों पर बेली ब्रिज स्थापित किए गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित न हो।












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