शेयर बाज़ार के जाने-माने विशेषज्ञ और मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी ने भारतीय रोज़गार बाज़ार के भविष्य पर एक बड़ी और कड़वी चेतावनी दी है। उनके अनुसार ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत में व्हाइट कॉलर जॉब्स में वृद्धि का पहिया लगभग थम चुका है।

यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि जीवनयापन के तरीके में एक बुनियादी और स्थायी परिवर्तन का संकेत है। सौरभ मुखर्जी ने एक पॉडकास्ट के दौरान कहा कि भारत अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहाँ सुरक्षित और पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरियों के मौके कम होते जाएंगे।

उनका मानना है कि व्हाइट कॉलर जॉब्स की ग्रोथ में आया यह धीमापन अस्थायी नहीं है और पिछले 5 वर्षों में इनमें बमुश्किल ही बढ़ोतरी हुई है। उन्हें नहीं लगता कि अब इन नौकरियों में किसी भी तरह की सार्थक वृद्धि होने की कोई संभावना है क्योंकि ऑटोमेशन बड़ी कंपनियों के काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल रहा है।
















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