विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य की शुरुआत हो चुकी है. इसी क्रम में बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला स्थित बिथान प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार भवन में बीएलओ व सुपरवाइजरों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. अध्यक्षता डीसीएलआर रोसड़ा कंचन कुमारी झा ने की.

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार 1 जुलाई 2024 को अर्हता तिथि मानते हुए मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जायेगा. उन्होंने बताया कि मतदाता बनने के लिए प्रमाणपत्रों की संख्या आयु के अनुसार तय की गई है.



1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वालों को एक प्रमाण-पत्र, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे लोगों को दो प्रमाण-पत्र और 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वालों को तीन प्रमाण-पत्रों के साथ आवेदन देना होगा. प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अगस्त को किया जायेगा. 1 सितंबर तक दावा और आपत्तियां ली जायेगी. अंतिम सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को किया जायेगा.



बीडीओ आफताब आलम ने कहा कि मतदाता सूची एक संवेदनशील दस्तावेज है. इसलिए बीएलओ सजगता और जिम्मेदारी से कार्य करें. सीओ रूबी कुमारी ने कहा कि लोकतंत्र के इस पर्व में हर योग्य नागरिक की भागीदारी जरूरी है. चुनाव प्रभारी राजेश कुमार और आरओ अभिषेक कुमार ने बीएलओ को समय पर और पारदर्शी कार्य करने की सलाह दी.
























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