बिहार में पूर्ण शरा’बबंदी लागू है और सरकार लगातार इसे अपनी बड़ी उपलब्धियों में गिनाती रही है. लेकिन जब जमीनी हकीकत सामने आती है तो कई बार इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं. आम नागरिक अगर श’राब पीते हुए पकड़े जाते हैं तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन जब कानून के रखवाले ही शरा’बबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आएं तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
ऐसा ही एक मामला मधेपुरा जिले से सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात करीब आठ बजे ASI देवेंद्र ठाकुर मठाही चौक पर श’राब के न’शे में लोगों से अभ’द्र व्यवहार और गा’ली-ग’लौज कर रहे थे. स्थानीय लोगों ने जब इसका वि’रोध किया तो वह अपने सरकारी आवास पर चले गए, लेकिन लोगों का आ’क्रोश बढ़ता गया. देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा.
ग्रामीणों का कहना था कि बिहार में आम नागरिकों को श’राब पीने के आरो’प में तुरंत गिरफ्ता’र कर जेल भेज दिया जाता है, ऐसे में यदि पुलिसकर्मी ही शरा’बबंदी कानून का उल्लंघन करें तो उन पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए. लोगों ने मौके पर ही ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराने की मांग करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.
इसी बीच घट’ना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसमें एएसआई देवेंद्र ठाकुर लोगों से माफी मांगते और मामले को शांत कराने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं. वहीं कुछ अन्य वीडियो में उनके द्वारा गाली-गलौज किए जाने की भी बात सामने आई है.मामले की सूचना मिलते ही मधेपुरा एसपी संदीप सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया. उनके निर्देश पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एएसआई देवेंद्र ठाकुर को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई. जांच में उनके शरीर में 69/100 एमजी अल्को’हल मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गिर’फ्तार कर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई.














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