विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के टूटने के बाद बिहार सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस गंभीर मामले को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और साफ कहा कि पुलों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने राज्य के सभी बड़े पुलों का पुल मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत एसओपी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होगी. हादसे के बाद भागलपुर एनएच के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है.


मुख्यमंत्री ने इस मामले में केंद्रीय रक्षा मंत्री से भी बात की है ताकि पुल की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था में तेजी लाई जा सके. सरकार ने पुल को जल्द दुरुस्त करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की मदद लेने का फैसला किया है.



सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए 4-लेन पुल के निर्माण को और तेज करने का निर्देश दिया है. पुल निर्माण निगम के अनुसार 4.45 किलोमीटर लंबा यह नया पुल दिसंबर तक तैयार हो सकता है. इसकी लागत करीब 995 करोड़ रुपये है. पहले इसे मई 2027 तक पूरा करना था. अब इसे तय समय से लगभग 5 महीने पहले चालू करने की तैयारी है.


अधिकारियों ने दावा किया है कि क्षतिग्रस्त पुराने पुल की मरम्मत अगले 3 महीनों में पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद यहां फिर से वाहनों का संचालन शुरू हो सकेगा. फिलहाल सुरक्षा कारणों से पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है. निर्माण एजेंसी को रेस्टोरेशन कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.


























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