बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि शराबबंदी का निर्णय सामाजिक सुधार और नारी सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 2016 में नीतीश कुमार द्वारा लिया गया शराबबंदी का साहसिक एवं ऐतिहासिक निर्णय सामाजिक सुधार के साथ-साथ महिला सुरक्षा की द्दष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक दशक में इस निर्णय ने व्यापक सामाजिक परिवर्तन की सुद्दढ़़ नींव स्थापित की है तथा विभिन्न मानकों पर इसके दूरगामी, ठोस और सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुए हैं।


कुशवाहा ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन का अध्ययन करने के लिये वर्ष 2018 में तत्कालीन राजस्थान सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार का दौरा किया था।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभिन्न सार्वजनिक मंचों से नीतीश कुमार के इस निर्णय की सराहना की है।उन्होंने कहा कि एक सर्वेक्षण के अनुसार शराबबंदी के बाद राज्य में लगभग 1.82 करोड़़ लोगों ने शराब का सेवन बंद कर दिया।


सर्वेक्षण में शामिल 91 प्रतिशत लोगों का मानना था कि घरेलू हिंसा के मामलों में कमी आई है। एक अन्य सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बताया कि शराबबंदी के बाद औसत घरेलू आय में वृद्धि हुई है, जबकि 72 प्रतिशत लोगों ने कहा कि बढ़़ी हुई आय का उपयोग अब बच्चों की शिक्षा पर किया जा रहा है।
















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