बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण पर कांग्रेस की ‘दोहरी सोच देश के सामने’ उजागर हो गई है। वह संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पर कांग्रेस के विरोध का जिक्र कर रहे थे। इस विधेयक का पारित होना नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए आवश्यक था। हालांकि, यह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ”महिला सशक्तीकरण पर ढोंग करने वाली कांग्रेस की दोहरी सोच अब पूरे देश के सामने है। विपक्ष महिलाओं की प्रगति की राह में हमेशा बाधा बनकर खड़ा रहा है।”


उन्होंने कहा कि क्या देश की आधी आबादी को उनकी आवाज देना इतना मुश्किल था? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ”महिलाओं के सशक्त होने और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने की संभावना से घबराकर, असुरक्षित विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन का समर्थन नहीं किया।”



तेजस्वी यादव बोले- विधेयक जल्दबाजी में लाया गया
उन्होंने कहा, ”संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के दौर में महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई और आज विपक्ष में रहते हुए भी वही सोच फिर दिखाई दे रही है।” बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विधेयक जल्दबाजी में लाया गया है।


उन्होंने कहा, ”विधेयक का गिरना तय था। भाजपा नेताओं को पता था कि सदन में इसे पारित करने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, फिर भी उन्होंने महिला सशक्तीकरण के बड़े समर्थक होने का प्रदर्शन करने के लिए विधेयक पेश किया।











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