पटना समेत पूरे बिहार में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना अब भारी पड़ सकता है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने ऐसे चालकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है, जो बिना ISI मार्क वाले हेलमेट पहनकर सड़क पर निकलते हैं.

अब सिर्फ हेलमेट पहनना ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य परिवहन विभाग के मुताबिक, सड़क हादसों में सिर की गंभीर चोटें ही सबसे ज्यादा मौतों की वजह बन रही हैं.



ऐसे में ISI मार्क हेलमेट का इस्तेमाल जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है. जिला परिवहन पदाधिकारी उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं में सिर को घातक चोटों से बचाने के लिए जरूरी है.



उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल ISI प्रमाणित हेलमेट ही इस्तेमाल करें. मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाना दंडनीय अपराध है. इसमें 1000 रुपए का जुर्माना, वाहन जब्ती, ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन और तीन महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान है.




इसके अलावा यदि हेलमेट पहनने के बावजूद उसका स्ट्रैप न बांधा गया हो, तो धारा 194D के तहत भी 1000 रुपए का चालान काटा जा सकता है. यह नियम न सिर्फ चालक बल्कि पीछे बैठे सवारी पर भी लागू होता है.


















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