बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो सेवा शुरू करने का काम जारी है. राज्य सरकार कह रही है कि इस साल 15 अगस्त तक पटना के एक मेट्रो रूट पर परिचालन शुरू कर दिया जायेगा. लेकिन बिहार के चार और शहरों में भी मेट्रो ट्रेन चलाने की परियोजना आगे बढ़ी है. खास बात ये है कि बिहार की सबसे लंबी मेट्रो लाइन पटना में नहीं बल्कि दूसरे शहर में बनने जा रही है और 24 फरवरी को इसका ऐलान किया जा सकता है.वैसे, पटना के बाद अन्य राज्य के अन्य चार शहरों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर में मेट्रो परिचालन के लिए सर्वे पूरा हो गया है. मेट्रो के लिए सर्वे करने का जिम्मा राइट्स एजेंसी को दिया गया था. उसने अपनी सर्वे रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी है. सर्वे रिपोर्ट के अध्ययन के बाद अब विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) बनाने का काम शुरू होगा. हालांकि सर्वे में चारों शहरों में मेट्रो रूट की लंबाई, स्टेशन आदि की जानकारी दी गयी है.
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार दौरे पर आ रहे हैं. हालांकि प्रधानमंत्री किसानों के लिए सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भागलपुर आ रहे हैं लेकिन इसे इसी साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है. तभी बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 24 फरवरी के कार्यक्रम में किसानों का महाजुटान करने के लिए पूरी ताकत झोंक दिया है.
चर्चा है कि भागलपुर के अपने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कई बड़े ऐलान करने वाले हैं. बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ये सारे ऐलान किये जायेंगे. इसमें बिहार की सबसे लंबी मेट्रो परियोजना का भी ऐलान होगा. चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में पूर्वी बिहार को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भागलपुर से बिहपुर तक बिहार का सबसे लंबे मेट्रो लाइन बनाने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे में कई और अहम घोषणायें हो सकती हैं. वे विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने , भागलपुर में सबसे लंबा बाइपास बनाने के साथ ही ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, ग्रीनफील्ड टाउनशिप के साथ ही अन्य कई उपहार की घोषणा कर सकते हैं.
चार शहरों में मेट्रो का सर्वे पूरा
राज्य सरकार ने पटना की तर्ज पर चार अन्य शहरों में मेट्रो परिचालन की संभावना तलाशने के लिए सर्वे की जिम्मेवारी राइट्स को दी थी. राइट्स ने सात माह बाद रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में बढ़ती आबादी के हिसाब से इन शहरों को मेट्रो की जरूरत पर जोर दिया गया है. नगर विकास विभाग इस रिपोर्ट के बाद अब आगे की कार्यवाही के लिए राज्य और केंद्र सरकार की हरी झंडी का इंतजार कर रहा है. बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने राइट्स लिमिटेड को जुलाई 2024 में इन चार शहरों में मेट्रो रेल की विस्तृत परिचालन योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. इस सर्वे के लिए राइट्स लिमिटेड को करीब 7.02 करोड़ रुपये का भुगतान किया गय़ा है.
दरभंगा के सर्वे में हुई देरी
राइट्स को अपनी सर्वे रिपोर्ट नवंबर 2024 तक सौंप देनी थी, लेकिन एजेंसी के आग्रह पर सरकार ने इस कार्य के लिए तीन अतिरिक्त महीने दिए थे. नगर विकास विभाग के मुताबिक एजेंसी ने मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर की सर्वे रिपोर्ट विभाग को काफी पहले ही सौंप दी थी, लेकिन दरभंगा की रिपोर्ट फाइनल होने में वक्त लग गया.
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