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शरा’बबंदी के बाद बिहार में न’शे की खेती, पुलिस ने 20 करोड़ की अ’फीम की फसल को किया नष्ट

बिहार में शरा’बबंदी के बाद अब नशे की खेती होने लगी है। रोहतास के नौहट्टा थाना क्षेत्र में सोन नदी के किनारे बड़े पैमाने पर लगाए गए अ’फीम के फसल को सासाराम पुलिस ने नष्ट कर दिया है। पुलिस के अनुसार नष्ट फसल की अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड रुपए आंकी गई है और फिलहाल पुलिस कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, रोहतास जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर नौहट्टा के सोन तटीय इलाके में अफीम की भारी पैमाने पर खेती की गई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नक्सलियों के सांठ-गांठ से सोन नदी के किनारे लगभग 10 एकड़ में भारी पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है। जिसके बाद उक्त स्थल पर जाकर पुलिस ने अफीम की फसल को नष्ट कर दिया और इससे जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।रोहतास पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बताया कि नौहट्टा थाना क्षेत्र के सोन तटीय इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर अफीम की फसल को जब्त किया है। अफीम के फसल की अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड रुपए है और फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।  पूरी फसल को क्रॉप मशीन के माध्यम से नष्ट कर दिया गया है और कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। अभी मामले की विस्तृत जांच चल रही है।बता दें कि रोहतास का नौहट्टा सोन तटीय इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। वर्तमान में इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां ना के बराबर हो चुकी हैं लेकिन फिर भी इस क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति एवं उनके अवैध कारोबार से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे पूर्व भी इन इलाकों में अफीम की खेती होती रही है। जिससे नक्सलियों को आर्थिक मजबूती मिलती है। यह इलाका एक तरफ कैमूर पहाड़ी से घिरा हुआ है तो दूसरी तरफ सोन नदी से घिरा है। जिसके कारण पूरा इलाका इस तरह के अवैध कारोबार के लिए सेफ जोन माना जाता है।

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