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बिहार में भीषण गर्मी के कारण आम और लीची के फलों का आकार अपेक्षाकृत छोटा

पटना: भीषण गर्मी के कारण आम और लीची के फलों का आकार अपेक्षाकृत छोटा रह गया है। उत्पादन भी 25 से 30 प्रतिशत घटने की संभावना है। फल वैज्ञानिक और किसानों के अनुसार आम और लीची दोनों ही फलों के आकार अपेक्षाकृत छोटे हैं।

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आम उत्पादक के अनुसार तीखी धूप और गर्मी के बीच बारिश नहीं होने से फलों में मिठास भी कम है। स्वाद भी अपेक्षाकृत कम है। आकार छोटा होने के कारण उत्पादन कम हो गया है। समय से पहले पकने की भी समस्या हुई है। आगे भी यही स्थिति रही तो आम और लीची अधिक दिनों तक नहीं मिल सकेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. विकास दास ने बताया कि दिसंबर में गर्मी के कारण लीची में मंजर कम लगे। बाद में तीखी धूप के कारण फलों का आकार छोटा हो गया। उत्पादन घटा है। किसानों को इस बार की गर्मी से सबक लेनी चाहिए। स्प्रिंक्लर से पेड़ों की सिंचाई करनी चाहिए। जिस किसान ने तालाब से निकाली मिट्टी पेड़ के जड़ में डाली, उसमें नमी अधिक दिनों तक रोकने की क्षमता बढ़ी है। शाही लीची बाग से निकल रहे हैं। लेकिन चाइनीज लीची पकने में अभी थोड़ी है। इसके पेड़ों में सिंचाई जरूरी है। स्प्रिंकलर से सिंचाई करना अधिक बेहतर है।\

अभी अधिकतर खेत खाली पड़े हैं। तीखी धूप और गर्मी से फसलों को नुकसान नहीं है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश सिंह के अनुसार अभी तीखी धूप और गर्मी से खेतों की मिट्टी को फायदा है। मिट्टी से नुकसान वाले कीड़े-मकौड़े मर जाएंगे। आने वाले दिनों में खरीफ और रबी मौसम में फायदा होगा। गरमा फसलों के लिए तीखी धूप और गर्मी फायदेमंद है।

 

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