होली 2024: इस साल 20 मार्च के दिन आमलकी एकादशी पड़ रही है। आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। यह एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है, जो प्रभु श्री हरी विष्णु को समर्पित है। इस दिन पूरे विधि-विधान से विष्णु भगवान की उपासना की जाएगी। प्रभु को खुश करने के लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत रखने से जातक की सभी इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं।
आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारम्भ – मार्च 20, 2024 को 12:21 ए एम बजे
- एकादशी तिथि समाप्त – मार्च 21, 2024 को 02:22 ए एम बजे
- 21 मार्च को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय – 01:26 पी एम से 03:52 पी एम
- पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय – 08:58 ए एम
आमलकी एकादशी पूजा-विधि
स्नान आदि कर मंदिर की साफ सफाई करें
भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें
प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें
अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें
मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें
संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें
आमलकी एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें
पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें
प्रभु को तुलसी दल सहित भोग लगाएं
अंत में क्षमा प्रार्थना करें
भोग– भगवान श्री हरी विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन गुड़ और चने की दाल, केला या पंचामृत का भोग लगा सकते हैं। भोग में तुलसी दल डालना न भूलें
मंत्र– ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ नारायणाय लक्ष्म्यै नमः

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