पटना: जेडीयू छोड़कर रालोजद नाम से नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है। कुशवाहा शुक्रवार को बिहार विधान परिषद पहुंचे और सभापति देवेश चंद्र ठाकुर से मिलकर उन्होंने एमएलसी पद से त्यागपत्र दिया। करीब दो महीने तक बगावत करने के बाद हाल ही में उन्होंने जेडीयू छोड़ दी थी। विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद अब उनका जेडीयू से आखिरी रिश्ता भी टूट गया है।
एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने श्लोक लिखा, “”त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये।” इसका अर्थ है तुम्हारे दी हुई चीज तुम्हें ही समर्पित हो। कुशवाहा ने कहा, “आज मैंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया। मन अब हल्का है। चक्रव्यूह से बाहर आ जाने की सुखद अनुभूति हो रही है। याचना का परित्याग कर रण के रास्ते पर निकल पड़ा हूं। मैं जमीर बेचकर कभी अमीर नहीं बन सकता हूं”
बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की जेडीयू नेतृत्व से लंबे समय से तनातनी चल रही थी। उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई बार सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाए। बीते सोमवार को उन्होंने जेडीयू से अलग होने और फिर राष्ट्रीय लोक जनता दल (रालोजद) नाम से नई पार्टी बनाने की घोषणा की। उन्होंने उसी समय कह दिया था कि वे जेडीयू का दिया हुआ एमएलसी पद भी छोड़ देंगे।
कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले उपेंद्र कुशवाहा अपनी नई पार्टी को एनडीए में शामिल कर सकते हैं। दो दिन पहले बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जासवाल ने भी कुशवाहा के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। एनडीए में जाने के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि अभी वह पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं। अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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