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‘मेरे खू’न में जनसंघ, अंतिम सांस भी सिर्फ बीजेपी के लिए’, ललन सिंह के प्रपोजल को सुरश शर्मा ने किया खारिज

मुजफ्फरपुर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के ऑफर को पूर्व मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता सुरेश शर्मा ने ठुकरा दिया। ललन सिंह ने पार्टी में शामिल होने के लिए खुले मंच से आमंत्रित किया था। मौका था श्रीकृष्ण सिंह की जयंती का। उसके बाद से ही राजनीतिक गलियारे में कयास लगाए जाने लगे।

suresh sharma

पूरे मसले पर सुरेश शर्मा ने एनबीटी ऑनलाइन से बात की। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी बुलावा दे रही है तो वो मेरा निजी रिश्ता हो सकता है न कि राजनीतिक। दिल का रिश्ता तो हमारा भाजपा से ही है। भाजपा से मेरा खून का रिश्ता है, मेरी मां जनसंघी थीं। इसलिए मैं बीजेपी का हूं। मेरा अंतिम सांस भी सिर्फ और सिर्फ बीजेपी के लिए ही रहेगा।

मेरे खू’न में भी जनसंघ ही रहेगा- सुरेश शर्मा
सुरेश शर्मा ने कहा कि जब 1980 में जनसंघ का विलय भाजपा में हुआ था तो अटल जी के निर्देश पर मुंबई जाकर सदस्यता ग्रहण किया था। उस समय मेरी मां भी 80 के दशक में जनसंघ में थीं। मेरे खून में भी जनसंघ ही रहेगा। भाजपा को हमने सींचा है, न कि भाजपा ने मुझे। बीते समय को याद करके कुछ समय के लिए सुरेश शर्मा भावुक भी हो गए।

अटल जी से जुड़ी बातों को याद किए
बीजेपी के सीनियर नेता सुरेश शर्मा ने कहा कि जब अटल जी पहली बार मुजफ्फरपुर आए थे तो उनके पास कोई गाड़ी नहीं थी। मेरे पास फिएट कार थी लेकिन मुजफ्फरपुर में बारिश का पानी भर चुका था। एक रिक्शा से रानी सती मंदिर हम और अटल जी गए थे। जब दूसरी बार भी पटना आए (अटल जी) तो फिर बारिश का ही समय था। देर शाम हो गया था, पटना के लोगों ने कहा कि रूक जाइए। तब भी वे (अटल जी) पटना नहीं रूके। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर जिला अध्यक्ष सुरेश जी ने बुलाया है। वे मुजफ्फरपुर में ही रात्रि विश्राम किए।

मंडल से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर
सुरेश शर्मा ने बताया कि लोगों का सवाल रहता है कि आप भाजपा में क्यों हैं? तो आज बता दूं कि मेरे लिए अटल जी ने जॉर्ज साहब से बोलकर मुजफ्फरपुर नगर का सीट सुरक्षित करवाया था। वो दिन नहीं भूल सकता हूं। भाजपा में अपनी सफर की शुरुआत मंडल अध्यक्ष के पद से की। जिला अध्यक्ष तीन बार, फिर दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बना। बिहार चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष पांच बार रहा। बीजेपी से दो बार चुनाव जीते। तीन बार चुनाव हारे। 2015 में चुनाव जीतकर नगर विकास मंत्री बना।

स्मार्ट सिटी और पटना मेट्रो के लिए काम किया’
पूर्व मंत्री ने कहा कि पटना, भागलपुर, गया और मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाया। पटना मेट्रो योजना को पास करवाया। राज्य योजना के 61 प्रोजेक्ट को पूरे बिहार के लिए पास करवाया। ढेर सारे काम का शिलान्यास और उद्घाटन किया। नमामि गंगे प्रोजेक्ट को पटना से मुजफ्फरपुर तक पीएम मोदी से उद्घाटन करवाया। 2020 का चुनाव हार गया। जनता मातम मना रही है। अपनी गलती को महसूस कर रही है। बिहार में कुछ लोग ही नहीं, पूरे बिहार के लोग मातम मना रहे हैं। ये हम नहीं पूरे बिहारवासी कह रहे हैं। जब हम शपथ ले रहे थे तो मीडियावालों ने कहा कि एक ईमानदार छवि का व्यक्ति मंत्री बन रहा है। अपना-अपना काम करने का सबका तरीका है।

 

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