गरीब महिलाओं का उत्पाद ‘सोन चिरैया ब्रांड’ अब अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के पोर्टल पर बिकना शुरू हो गया है। पटना और भागलपुर की स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित अचार, पापड़, लहठी, मौरी, दौरी, टोकरी, खिलौने, मसाला, मखाना, चूड़ियां, सत्तू और बेसन इसमें शामिल है। पटना और भागलपुर से पिछले एक महीने में एक लाख रुपये का उत्पाद महिलाओं ने अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर बेचा है।
केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से लांच सोन चिरैया ब्रांड के तहत राज्य के सात जिलों में बिक्री स्थल बनाया गया है। सभी जिलों के लिए अलग-अलग विशेष उत्पाद को ई-कॉमर्स पोर्टल पर बेचने के लिए चुना गया है। पटना के मौर्या लोक में बिक्री काउंटर खोला गया है। एक स्वयं सहायता समूह में 10 महिलाएं रहती हैं।
नगर आवास विकास विभाग के राज्य मिशन प्रबंधक आशीष कुमार पाठक ने बताया कि राज्य में शहरी गरीब महिलाओं को 27 हजार और स्वयं सहायता समूह की 2 लाख 70 शहरी गरीब महिलाओं को जोड़ा गया है। समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद पर सोन चिरैया ब्रांड का लोगो लगाकर एक जगह इकह्वा किया जाता है। इसके बाद नगर निकाय के माध्यम से ई-कामर्स पोर्टल पर बेचा जाता है। सभी जगह वेयर हाऊस हैं। अभी पटना और भागलपुर में सोन चिरैया ब्रांड का काउंटर खोला गया है।
यहां पर जमा होता है सामान
सीतामढ़ी, भागलपुर, पूर्णिया, बेतिया, मधेपुरा, गया, पटना
कहां से कौन उत्पाद चुना गया
सीतामढ़ी : चेरी, लहठी, मखाना का लावा, बेसन, सत्तू और मसाला
बिहारशरीफ : सत्तू, बेसन
मधेपुरा : बरी, पापड़, अचार
गया : लहंगा, कपड़े, तिलकुट, अनरसा, लाई, लुंगी, अदौरी, मसाला
भागलपुर : तसर सिल्क की साड़ी, दुपट्टा, चादर, पैंट-शर्ट का कपड़ा और हस्तशिल्प, डलिया, बांस से बने सामान
पटना : मौरी, दौरी, मिट्टी के बने हाथी-घोड़ा, घड़ा, टोकरी, पंखा, अचार, पापड़
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