मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में पेड़ों से रविवार सुबह अचानक कौए गिरने लगे। देखते-देखते करीब 30 कौओं की मौ’त हो गई। पिछले हफ्ते भिंड के मेहगांव में मुर्गे-मुर्गियों की और भिंड में कौओं की मौ’त हुई थी।
तड़प-तड़प कर हुई मौ’त
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पोरसा के जनता मांटेसरी स्कूल परिसर में वट वृक्ष व अन्य पेड़ हैं। इन पर सैकड़ों पक्षी रहते हैं। रविवार सुबह स्कूल के पड़ोस में रहने वाले संजय वाल्मीकि ने दो-तीन कौओं को पेड़ों के नीचे गिरे देखा। धीरे-धीरे और कौए भी गिरने लगे। कुछ देर तड़पने के बाद उनकी मौ’त हो जा रही थी। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मी इन कौओं को उठाकर पशु अस्पताल ले गए। पशु चिकित्सा अस्पताल के डॉ. विकलेश शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद इनकी मौत की वजह पता चल सकेगी।
बर्ड फ्लू की हुई थी पुष्टि
रविवार को पोरसा में कौओं की मौ’त से पहले भिंड जिले के मेहगांव में 15 मार्च को 200 से ज्यादा मुर्गे-मुर्गियां मृत मिली थीं। भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान से इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके दो दिन बाद भिंड में शिक्षा विभाग के बीटीआई परिसर में 50 से ज्यादा कौओं की मौ’त हुई थी।
बिहार के मुंगेर और पटना में भी हुई पक्षियों की मौ’त
कोरोना वायरस के खौफ के बीच अब बिहार के मुंगेर जिले में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। शनिवार को हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र के कई गांव में पक्षियों की लगातार मौ’त की खबर से लोगों के बीच दहशत फैल गई। तेघड़ा गांव में अचानक दर्जनों कौए की मौ’त से लोगों में हड़कंप मच गया है। आसपास के ग्रामीणों और किसानों ने खेतों में मृ’त पड़े कौए को देख इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। ज्ञात हो कि पिछले चार दिनों में पटना में 29 कौओं की मौ’त हो गई है। शुक्रवार को जहां 11 कौओं की मौत हुई, वहीं शनिवार को 18 और कौए मर गए। वहीं कई चमगादड़ों की भी मौ’त हुई है।
Source: Jagran
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