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पुलवामा ह’मले को अंजाम देने वाला आ’तंकी “आदिल अहमद”, जिसने कहा था- तब तक मैं जन्नत जा चुका हूंगा

14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए सबसे बड़े आ’तंकी ह’मले को लेकर देश में चारों ओर आक्रोश की लहर थी. इस आ’तंकी ह’मले को अंजाम देने के पीछे जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आ’तंकी आदिल अहमद उर्फ वकास का हाथ था.

जानिए, कौन था आदिल अहमद, जिसने करीब 350 किलोग्राम विस्फोट से भरी स्कॉर्पियो को सीआरपीएफ जवानों से भरी बस में टक्कर मारी थी..

इस आ’त्मघाती ह’मले में 40 जवान शही’द हो गए थे. ह’मले के तुरंत बाद पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद आतं’की संगठन ने जिम्मेदारी ले ली थी. आ’तंकी ह’मले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने दावा किया कि उसके आ’तंकी आदिल अहमद ने वि’स्फोटक से भरी गाड़ी को उड़ाया.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि आ’त्मघाती वाहन को चला रहे मानव बम की शि’नाख्त कर ली गई है।. वह पुलवामा जिले के काकापोर का आदिल अहमद था, जो वर्ष 2018 में आ’तंकी संगठन जैश ए मोहम्मद में शामिल हुआ था. आदिल को अफगान मुजाहिद जैश के आ’तंकी गाज़ी रशीद ने आतं’क की ट्रेनिंग दी थी.

जैश-ए-मोहम्मद ने दावा किया था कि आदिल पुलवामा के गुंडीबाग इलाके का ही रहने वाला था. ध’माके से पहले जवानों की गाड़ी पर फा’यरिंग भी की गई. जवानों का काफिला जम्मू से कश्मीर की ओर जा रहा था. आ’तंकियों ने जिस तरह से ये ह’मला किया, इस तरीके का इस्तेमाल आमतौर पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है.

हमले के कुछ देर बाद ही फिदायीन आदिल अहमद का एक वीडियो वायरल हुआ. आ’तंकी आदिल वीडियो में साफ कहता सुनाई दे रहा था कि जब तक यह वीडियो आप लोगों तक पहुंचेगा उस समय मैं जन्नत में मजे लूट रहा होऊंगा. उसने कहा कि मैंने जैश ए मोहम्मद में आ’तंकी के रूप में एक साल बिताया. अब यह मेरा कश्मीर के लोगों के लिए आखिरी मैसेज है. कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हाल ही के दिनों किए गए आईईडी और स्नाइपर ह’मलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे कुछ कमांडरों को मा’रकर तुम हमें कमजोर नहीं कर पाओगे.

जानकारी के मुताबिक, आदिल हुसैन डार 19 मार्च 2016 को पुलवामा के गुंडीबाग से गायब हो गया था. उसके दो दोस्त तौसीफ और वसीम भी गायब हो गए थे. तौसीफ का बड़ा भाई मंजूर अहमद डार भी आ’तंकी था जो 2016 में मा’रा गया था. आदिल ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था. आदिल एक स्थानीय मस्जिद में अजान भी दिया करता था.

(इस खबर को मुजफ्फरपुर न्यूज़ टीम ने संपादित नहीं किया है. यह amarujala फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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