बिहार में बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हा’दसा टल गया। पूर्णिया कोर्ट से सहरसा होते हुए हटिया (रांची) जा रही कोसी एक्सप्रेस के थर्ड एसी इकोनॉमी कोच में अचानक आ’ग लग गई। ट्रेन उस समय सोनवर्षा कचहरी और सिमरी बख्तियारपुर के बीच तेज रफ्ता’र में चल रही थी। कोच से धुआं निकलता और पहिये के पास आ’ग की लपटें दिखाई देने के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया।
घट’ना कोसी एक्सप्रेस के थर्ड एसी इकोनॉमी कोच M-2 में हुई। सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन से पहले फाटक संख्या 19 के गेटमैन ने ट्रेन के एक कोच से धु’आं निकलते देखा। साथ ही नीचे पहिये के पास आग की लपटें भी दिखाई दीं। गेटमैन ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी।
सूचना मिलते ही स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही रेलवे कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया। सुबह करीब 5:30 बजे कोसी एक्सप्रेस सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची और रुकते ही कई यात्री घबराकर कोच से बाहर निकलने लगे। आ’ग और धुएं के कारण स्टेशन पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
ट्रेन के स्टेशन पर रुकने के बाद स्टेशन मास्टर, आरपीएफ जवान, चालक, सहायक चालक और गार्ड ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की। हालांकि आग तुरंत नियंत्रित नहीं हो सकी। इसके बाद सुबह करीब 5:35 बजे अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। लगभग 10 मिनट बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और पानी का छिड़काव शुरू किया। करीब 5:57 बजे आ’ग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
आ’ग बुझने के बाद रेलवे अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की सांस ली। करीब 6 बजे चालक, सहायक चालक, स्टेशन मास्टर और गार्ड ने ट्रेन को आगे-पीछे कर पूरे कोच और ट्रेन की स्थिति की जांच की। जांच में स्थिति सामान्य मिलने के बाद कोसी एक्सप्रेस को करीब 6:13 बजे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। घट’ना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर धनंजय कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
सबसे राहत की बात यह रही कि ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही गेटमैन की नजर धुएं और आ’ग की लपटों पर पड़ गई। समय रहते स्टेशन मास्टर को सूचना मिलने और रेलवे कर्मचारियों के सक्रिय होने से स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया गया। अगर आ’ग और फैलती तो बड़ा हाद’सा हो सकता था।कोसी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद यात्रियों में काफी देर तक दह’शत का माहौल रहा। रेलवे की ओर से मामले की जांच की जा रही है ताकि आ’ग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घट’नाओं को रोका जा सके।














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