बिहार में सवर्ण समाज से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सवर्ण आयोग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आयोग ने राज्य के सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती करने का निर्णय लिया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे सवर्ण समाज के लोगों की समस्याओं को सुनें, संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करें और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करें।
सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र सिंह ने कहा कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना है। आयोग अब जिला स्तर पर शिकायतों की निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान हो सके।
आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र सिंह के मुताबिक बिहार में सवर्ण समाज का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे परिवारों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सहायता का लाभ पहुंचाना आयोग की प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या प्रशासनिक प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त होने से ऐसी परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।नोडल अधिकारी संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन-कौन से मामले लंबित हैं और उनके समाधान में कहां दिक्कत आ रही है।















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