बिहार के लिए जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य की पहली रिवर लिंक (नदी जोड़) परियोजना पूरी तरह तैयार हो गई है। बागमती नदी को बूढ़ी गंडक से जोड़ने के लिए बनाई गई बेलवाधार लिंक चैनल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से बाढ़ और सिंचाई दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान मिलेगा तथा करीब 8.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, शिवहर जिले के बेलवा से मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर तक लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी बेलवाधार लिंक चैनल का निर्माण किया गया है। इस परियोजना पर करीब 130.88 करोड़ रुपये की लागत आई है। सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वर्ष 2023 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसे अब सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना बिहार में नदी जल के बेहतर उपयोग और वैज्ञानिक जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बागमती नदी में अक्सर जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जबकि बूढ़ी गंडक में अपेक्षाकृत कम पानी रहता है। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए दोनों नदियों को लिंक चैनल के माध्यम से जोड़ा गया है।परियोजना के तहत बागमती नदी से अतिरिक्त पानी को बेलवाधार चैनल के जरिए बूढ़ी गंडक तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक हेड रेगुलेटर का निर्माण किया गया है, जिसमें छह गेट लगाए गए हैं। इन गेटों के माध्यम से जरूरत के अनुसार पानी का प्रवाह नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल बाढ़ का दबाव कम होगा बल्कि सिंचाई के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा।
सरकार के अनुसार इस परियोजना से मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी के कई इलाकों में बाढ़ की समस्या कम होने की उम्मीद है। वहीं शिवहर, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिलेगा।खेती पर निर्भर हजारों किसानों के लिए यह परियोजना काफी लाभकारी साबित हो सकती है। पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।














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