30 जुलाई से शुरू होने वाले बिहार के ऐतिहासिक श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. इस बार श्रद्धालुओं और कांवरियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. मेले में ड्रोन शो, लेजर शो, टेंट सिटी, स्पेशल लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था जैसी कई नई सुविधाएं देखने को मिलेंगी.
श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव लोकेश कुमार ने मुख्य सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में जीविका के सीईओ के साथ भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए. पर्यटन सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं.

बैठक में कांवरिया पथ पर साफ-सफाई, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, रास्ते में बालू बिछाने और 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
कांवरियों की सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में हेल्पलाइन नंबरों के साइनेज लगाए जाएंगे. गंगा घाटों पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी, जबकि अलग-अलग स्थानों पर टेंट सिटी बनाई जाएगी. यहां श्रद्धालुओं के लिए स्नानघर, शुद्ध पेयजल, शौचालय और निर्बाध बिजली की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। मेले में भोजन की व्यवस्था भी विशेष रूप से की जाएगी. टेंट सिटी में ‘दीदी की रसोई’ का संचालन होगा, जहां स्वच्छ और किफायती भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. भोजन के दामों का रेट चार्ट भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

श्रावणी मेले के उद्घाटन के दिन सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ मंदिर परिसर में भव्य ड्रोन शो और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा. इसके अलावा मेले के उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।












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