बिहार की सरकारी स्कूल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों में केवल उपस्थिति दर्ज कराकर गायब रहने वाले शिक्षकों को अब किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नौकरी समाप्त करने तक का प्रावधान शामिल है।
राज्य में लंबे समय से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि कुछ शिक्षक विद्यालय पहुंचकर हाजिरी बना लेते हैं, लेकिन कक्षाओं में पढ़ाई कराने के बजाय स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
इसी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित नहीं रह सकते। उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी छात्रों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है।









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