बिहार : बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और सख्त संदेश आया है। क्राइम मीटिंग में 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया गया। समस्तीपुर जिले के SP अरविंद प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित क्राइम मीटिंग में 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई ने जिले के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।

मीटिंग के दौरान SP ने वर्ष 2025 की वार्षिक अपराध रिपोर्ट और पुलिस की उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित मामलों, वारंट-समन के निष्पादन और प्रमुख आपराधिक घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि कई थानों और पुलिस पदाधिकारियों ने अपेक्षित कार्रवाई में शिथिलता दिखाई है।

विशेषकर जहरीली शराब मामले को लेकर मुसरीघरारी थानाध्यक्ष और ताजपुर में पुलिस की पिटाई के मामले में ताजपुर थाना अध्यक्ष को फटकार दी गई। SP अरविंद प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था, अनुसंधान और गिरफ्तारी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता अनदेखी नहीं की जाएगी। अपराध नियंत्रण में सकारात्मक प्रगति को और मजबूत करने और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

SP की इस कार्रवाई और चेतावनी से जिले में पुलिस महकमे में गंभीर चेतावनी का माहौल बन गया है। इससे साफ संदेश गया कि समस्तीपुर में अपराध पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोई ढील नहीं बरती जाएगी। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को कड़ी कार्रवाई के तहत लाने में SP की सख्ती ने जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।












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