भोजपुर: बिहार के भोजपुर में बेटे और बहू के प्रेम विवाह से नाराज एक महिला ने अपने पोते को ही बेच दिया. बहू के प्रसव के तुरंत बाद उसने गांव की एक महिला की नजदीकी के जरिए रोहतास जिले के एक ग्रामीण चिकित्सक को 50 हजार रुपए में पोते का सौदा कर दिया गया था.
दादी ने पोते को बेचा
मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के अगिआंव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सात दिसंबर को हुई. मामला नारायणपुर थाना क्षेत्र का है. नवजात की मां ने बताया कि उसके बच्चे को 50 हजार रुपये में बेच दिया गया है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

तीन सहयोगियों के साथ दादी अरेस्ट
नवजात की मां के बयान पर 16 दिसंबर को गड़हनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. उस आधार पर नारायणपुर और गड़हनी थाने की पुलिस की ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला की सास और उसकी तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बिक्री का पैसा भी बरामद
जानकारी के अनुसार नवजात की दादी के पास से बिक्री के करीब 49 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार अन्य आरोपितों में एक महिला उसी के गांव की है, जबकि दो महिलाएं आरा और रोहतास जिले की हैं.
नवजात की तलाश जारी
पुलिस की पूछताछ में सभी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. हालांकि नवजात बरामद नहीं किया जा सका है. उसे खरीदने वाला डाक्टर भी अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है. उसे लेकर डाक्टर के हर ठिकानों पर छापेमारी भी की गयी, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ सका है.

डॉक्टर को बेचा गया बच्चा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरा की रहने वाली महिला ने पूछताछ में कहा कि नवजात की दादी के गांव में उसकी रिश्तेदारी रहती है. उसी के कहने पर उसके द्वारा रोहतास के दिनारा में क्लीनिक चलाने वाले सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के हुंकाडीह गांव निवासी डॉक्टर दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित और उनकी सहयोगी प्रीति कुमारी से बच्चे को लेकर बातचीत की थी.
रिश्ते में चचेरे भाई-बहन हैं नवजात के माता-पिता
उसके बाद पचास हजार रुपए में डॉक्टर दिलीप को बच्चा बेचा गया था. गड़हनी थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि केस के अनुसंधान और आरोपितों से पूछताछ में यह बात सामने आयी कि नवजात के माता-पिता रिश्ते के चचेरे भाई-बहन हैं. दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था.

पोते को बेचने के बाद बहू को किया कैद
बेटे-बहू के प्रेम विवाह से नाराज महिला ने पोते को बेचने के बाद बहू को भी घर में कैद कर दिया, लेकिन करीब पांच रोज बाद बहू किसी तरह घर से भाग निकली और अपने रिश्तेदार के घर आरा पहुंची. वहां महिला रिश्तेदार की मदद से पुलिस तक पहुंच सकी और मामले का खुलासा हो सका.
सास ने डिलीवरी के बुलाया था घर
पीड़िता की ओर से दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि उसने दिल्ली में एक मंदिर में इसी साल जनवरी में शादी की थी. जब मेरी डिलीवरी होने वाली थी तो सास ने कहा छठ पूजा भी है, घर आ जाओ अच्छे से डिलीवरी करा देंगे. इस बीच मेरे पति को भी काम करने के लिए बाहर भेज दिया गया, ताकि प्रसव के लिए पैसों का इंतजाम हो सके.
छठ पर गांव आए थे दंपत्ति
बताया जा रहा है कि पीड़िता और उसके पति का परिवार परिवार पहले पंजाब में रहता था. वहीं पर दोनों में प्यार हो गया था. करीब तीन महीने तक चले प्रेम प्रसंग के बाद दोनों ने इसी साल जनवरी में शादी कर ली थी. उसके बाद दोनों हाजीपुर में आ गए और किराये के मकान में रहने लगे. छठ पर्व के अवसर पर दोनों गांव आये थे.










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