नवादा: बिहार के नवादा जिले स्वास्थ्य व्यवस्ता की लापरवाही का मामला सामने आया है. 75 वर्षीय महिला केशरी देवी की मौत के बाद उनके परिजनों को शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिली, जिसके चलते मजबूरन उन्होंने स्ट्रेचर पर शव को घसीटते हुए घर तक ले गए.

रात में सामने आया दिल दहला देने वाला दृश्य
परिजनों का आरोप है कि रविवार रात करीब 11 बजे अकबरपुर बाजार निवासी रामचन्द्र साहनी की पत्नी केशरी देवी को मृत अवस्था में परिजन अस्पताल लाए थे. महिला की तबीयत पहले से खराब थी, लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस मांगी गई, पर प्रशासन ने कोई मदद नहीं की.

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एम्बुलेंस नहीं मिली, स्ट्रेचर पर घसीटा शव: परिजनों ने बताया कि ”कई बार गुहार लगाने के बाद भी 102 या 108 एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई. मजबूरी में अस्पताल स्टाफ ने सिर्फ स्ट्रेचर देने की इजाजत दी.” इसके बाद परिजन शव को स्ट्रेचर पर रखकर घसीटते हुए घर पहुंचे. वे जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

डॉक्टर गायब, जीएनएम संभाल रहे थे जिम्मेदारी
जांच में पता चला कि रात में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अपने चैंबर से नदारद थे. मौके पर मौजूद जीएनएम ही मरीजों को देख रहे थे. जीएनएम ने बताया कि ”डॉक्टर की अनुपस्थिति में वे ही इलाज कर रहे थे.” डॉक्टर की इस लापरवाही ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है.

अस्पताल प्रभारी ने दिया चौंकाने वाला बयान
अकबरपुर PHC के चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा, “रात 11 बजे महिला को पहले से मृत अवस्था में लाया गया था. हमने परिजनों से 108 एम्बुलेंस को फोन करने को कहा था, लेकिन वे खुद ही शव ले जाने लगे. परिजन हमसे जान-पहचान के थे इसलिए वो खुद स्ट्रेचर मांगकर शव ले गए.”


















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