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चाचा पर चढ़ाई कर रहा भतीजा, हाजीपुर के बाद चिराग पासवान का नवादा लोकसभा पर भी दावा

नवादा: लोकसभा चुनाव 2024 में एक साल से भी कम समय बचा है और बिहार में चाचा-भतीजे की जोड़ी सीटों को लेकर आमने-सामने हो गई है। लोजपा रामविलास के मुखिया चिराग पासवान ने पहले अपने चाचा एवं रालोजपा के प्रमुख पशुपति पारस की हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। अब उनकी पार्टी ने नवादा लोकसभा सीट पर भी दावा ठोक दिया है। नवादा से अभी पशुपति पारस के करीबी चंदन सिंह सांसद हैं। चिराग पासवान शनिवार को यहां जनसंवाद कार्यक्रम भी करने वाले हैं।

चाचा पर चढ़ाई कर रहा भतीजा, हाजीपुर के बाद चिराग पासवान का नवादा लोकसभा पर भी दावा

लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजीव तिवारी ने गुरुवार को नवादा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आगामी आम चुनाव में चिराग पासवान जमुई की बजाय हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि हाजीपुर कभी उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान की सीट हुआ करती थी। 2019 में चिराग के चाचा पशुपति पारस यहां से चुनाव जीते थे। रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी विरासत को लेकर चाचा पशुपति पारस और भतीजे चिराग में जंग छिड़ी। इसके बाद लोजपा दो धड़ों में बंट गई। चिराग के ऐलान के बाद पशुपति पारस ने भी घोषणा कर दी कि वे रामविलास पासवान के असली उत्तराधिकारी हैं और अगले चुनाव में हाजीपुर से वे ही लड़ेंगे।

चिराग की पार्टी का नवादा से लड़ने का ऐलान
चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास ने हाजीपुर के साथ ही नवादा से भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ऐसे में चाचा और भतीजे में जबरदस्त खींचतान की स्थिति दिख रही है। नवादा से मौजूदा सांसद चंदन सिंह, पशुपति पारस के गुट वाली रालोजपा में हैं। लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजीव तिवारी ने उनका नाम लिए बिना कहा कि नवादा हमारी सीट है। हमारी पार्टी नवादा से लोकसभा चुनाव लड़ेगी। लोजपा टूटने के पहले यह पार्टी की सिटिंग सीट रही है। 8 जुलाई को चिराग पासवान नवादा के गांधी मैदान में रैली भी करने जा रहे हैं।

पारस एनडीए में, चिराग की वापसी का इंतजार
2020 में लोजपा में टूट के बाद चिराग पासवान को छोड़कर पार्टी के सभी सांसद पशुपति पारस के साथ चले गए। बीजेपी ने सांसदों के बहुमत के आधार पर पारस के गुट को तरजीह दी और रामविलास पासवान की जगह उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया। वहीं, चिराग पासवान एनडीए से बाहर हो गए। हालांकि, पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी से उनकी नजदीकियां बरकरार है। कयास लगाए जा रहे हैं कि चिराग पासवान की जल्द ही एनडीए में वापसी हो सकती है। मगर चाचा पशुपति पारस के साथ उनके रिश्ते और तल्ख होते जा रहे हैं। ऐसे में बीजेपी दोनों नेताओं के बीच सामंजस्य बनाने की कोशिश में जुटी है।

चाचा पर चढ़ाई कर रहा भतीजा!
पिछले कुछ महीनों से चिराग पासवान बिहार की राजनीति में खासे एक्टिव नजर आ रहे हैं। बीते एक साल में जितने भी उपचुनाव हुए, चिराग ने खुलकर बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए छोड़कर महागठबंधन में जाने के बाद वे जेडीयू पर जमकर निशाना साध रहे हैं। अब चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस को पीछे धकेलना शुरू कर दिया है। चाचा के संसदीय क्षेत्र हाजीपुर में वे लगातार दौरे करके अपने पिता की विरासत पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने रालोजपा की मौजूदा सीटों पर भी दावा ठोकना शुरू कर दिया है। चर्चा ये भी है कि मोदी कैबिनेट के आगामी फेरबदल में पशुपति पारस को हटाकर चिराग पासवान को केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है।

 

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