पटना: नीतीश कुमार के साथ लंबे तकरार के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू छोड़ दिया और अपनी नई पार्टी बना ली। बिहार की राजनीति में हुए इस अहम बदलाव का असर महागठबंधन पर भी पड़ा है। उपेंद्र कुशवाहा के बाद जेडीयू के कई नेता 2025 के चुनाव में तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाने लगे हैं। लगता है कि राजद के राजकुमार और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को लेकर जेडीयू ने अपना स्टैंड बदल दिया है।

बिहार में महागठबंधन की नई सरकार बनने के कुछ माह बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के संकेत दिए थे। कई बार नीतीश कुमार ने कहा था कि 2025 में तेजस्वी विधानसभा चुनाव का नेतृत्व करेंगे। आरजेडी की ओर से भी लगातार कहा जा रहा है कि बिहार की कमान तेजस्वी यादव के हाथ में सौंप कर नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति पर कंसंट्रेट करें। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी की घोषणा के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जो बयान दिया है उससे लगता है कि चाचा अपने भतीजा को बच्चा देने वाले हैं।

सोमवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हम कभी बोले हैं कि 2025 में मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे? कहां का नेतृत्व? जब आएगा समय तब देखा जाएगा। अभी 2025 नहीं आया है, जब आएगा तब बात कीजिएगा। यह उस समय तय होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं और राजद का अस्तित्व है। अभी 2024 की बात कीजिए।

जदयू अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के इस बयान को उपेंद्र कुशवाहा की नई रणनीति के बाद दबाव में लिए गए स्टैंड के तौर पर देखा जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा के जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने और एक नए राजनीतिक दल के गठन की घोषणा के बाद ललन सिंह का यह बयान आया। कुशवाहा ने 2025 में तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार बनाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा का जोरदार विरोध किया था। सियासी हलके में कहा जा रहा है कि जदयू दबाव में आ कर इस तरह का बयान दे रही है ताकि पार्टी का कोई और नेता उपेंद्र कुशवाहा की तरह आवाज नहीं उठाए। ऐसे में 2025 में मुख्यमंत्री बनने का तेजस्वी यादव का सपना बिखरता दिख रहा है।

इससे पहले राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार 2030 में भी नेतृत्व देने में सक्षम हैं। 2025 की बात छोड़ दीजिए। उनका स्वास्थ्य ठीक है और उनका राजनीतिक ग्राफ बढ़ा हुआ है। केसी त्यागी ने कहा कि जेडीयू मतलब नीतीश कुमार है और नीतीश कुमार जब तक अपने फर्ज का अच्छी तरह से संचालन कर रहे हैं, उनके नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं है।

हालाकि, विपक्ष ललन सिंह के बयान को हल्का बता रहा है। इस पर सुशील मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश के बयान के बाद ललन सिंह के बयान का कोई मतलब नहीं रह जाता है। सुशील मोदी ने यह भी कहा है कि बीजेपी आज मंत्री बना दे तो ललन सिंह जेडीयू छोड़ देंगे, पहले भी छोड़ चुके हैं।













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