मुजफ्फरपुर: कांग्रेस पश्चिमी के जिला अध्यक्ष कृपा शंकर शाही ने भगवानपुर स्थित किसान भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छात्रों के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल में छात्रों के प्रदर्शन के बाद की घटनाओं के बाद सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर और गिरफ्तार छात्रों को छोड़कर जरूर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। शाही ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कृपा शंकर शाही ने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकार की नीयत पर सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है और इस कारण उसकी मंशा पर संदेह गहराता जा रहा है।

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के मोतिहारी और दरभंगा में परीक्षा के दौरान गड़बड़ियां साफ तौर पर सामने आई थीं। इसके बावजूद सरकार ने इस मामले में ठोस कार्रवाई करने के बजाय पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के बजाय “मलाईदार पोस्टिंग” देकर पुरस्कृत किया गया।

शाही ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस अवसर पर कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें संजय गुप्ता, सुरेश शर्मा, मुरारी शरण सिंह, आलोक कुमार, राम इकबाल राय, मुमताज अंसारी, सुशील शाही, सुनील सहनी, शंकर राम और रितेश झा समेत अन्य शामिल थे। सभी ने एक स्वर में छात्रों के मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और न्याय की मांग की।













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