बिहार के बांका जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है. जिले के तीन अलग-अलग इलाकों से डेंगू के मरीज मिलने के बाद हड़कंप मच गया है.

पहला मरीज रंगनिया गांव का नीतीश कुमार यादव है, जो नोएडा में काम करता था. दिल्ली से लौटने के बाद उसकी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई. शुरुआती दौर में उसका प्लेटलेट्स काउंट 64 हजार तक गिर गया था, लेकिन उपचार के बाद अब वह खतरे से बाहर है.



दूसरा केस कटोरिया प्रखंड के पटवारा गांव का है, जहां पटना में पढ़ाई कर रहे रुपेश कुमार को डेंगू की पुष्टि हुई. इलाज के बाद अब उसका प्लेटलेट्स काउंट सामान्य हो गया है. तीसरा मामला दोमुहान का है. यहां कोलकाता में मजदूरी करने वाला एक युवक डेंगू से संक्रमित पाया गया. फिलहाल तीनों मरीजों की हालत स्थिर है.



विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और बदलते मौसम में एडीज मच्छर तेजी से पनपते हैं, जो डेंगू का मुख्य कारण हैं. कूलर, नालियों और घर के आसपास जमा पानी इस मच्छर के लिए सबसे अनुकूल जगह है. इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है.




डेंगू के मरीजों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर और प्लेटलेट्स की कमी जैसे लक्षण पाए जाते हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन लक्षणों पर तुरंत जांच कराएं और खुद से दवाइयां न लें.



















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