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बिहार में बाढ़ से बड़े पैमाने पर फसल तबाह, नुकसान का आकलन कर मदद करेगी नीतीश सरकार

उत्तर बिहार में बाढ़ की वजह से बड़े पैमाने पर किसानों की फसल तबाह हो गई। भारी बारिश और नेपाल से नदियों में आए तेज बहाव की वजह से कई गांवों में खेत डूब गए। इससे 19 जिलों के किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। अब राज्य की नीतीश सरकार किसानों के नुकसान का आकलन करने जा रही है। इसके बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसानों को मदद की जाएगी। यह जानकारी कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को दी।

बाढ़ में डूब गई किसानों की उम्मीद : 5 लाख हेक्टेयर में फसलें बर्बाद, 40 लाख  की आबादी प्रभावित -

कृषि मंत्री ने बाढ़ से हुई फसल क्षति के संबंध में कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वे एक सप्ताह के अंदर बाढ़ से फसल के नुकसान का आकलन कर लें। मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार सरकार आपदा की इस घड़ी में किसानों के साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया है।

बिहार के 19 जिलों में बाढ़ से फसल तबाह, नुकसान का आकलन कर मदद करेगी नीतीश सरकार

मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक संभावित अनुमान के अनुसार अत्यधिक वर्षापात तथा पड़ोसी देश नेपाल से आई बाढ़ के कारण बिहार के 19 जिलों के 92 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसमें कुल 673 पंचायतों में लगभग 2,24,597 हेक्टेयर रकवा प्रभावित होने की सूचना है। प्रभावित क्षेत्रों में 91,817 हेक्टेयर रकवा में फसलों की क्षति 33 प्रतिशत से अधिक होने का संभावित अनुमान है।

बता दें कि बीते चार-पांच दिनों से गंडक, कोसी, बागमती समेत उत्तर बिहार की कई नदियों में भारी उफान आया। इससे इन नदियों से सटे आबादी वाले इलाकों में बाढ़ आ गई। लोगों के घर, खेत, सड़कें सब पानी में डूब गए। लाखों लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

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