वैशाख माह में शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने वाला व्यक्ति मोह माया के जंजाल से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने वालों के कई जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत 19 मई को रखा जाएगा। इस व्रत भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।



क्यों नाम पड़ा मोहिनी एकादशी
जब समुद्र मंथन हुआ तो अमृत प्राप्ति के बाद देवताओं और असुरों में भी इसे पाने की होड़ मच गई थी। ताकत के बल पर असुर देवताओं से अधिक बलशाली थे। देवता चाहकर भी असुरों को हरा नहीं सकते थे। सभी देवताओं की आग्रह पर भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण कर असुरों को अपने मोह माया के जाल में फांसकर सारा अमृत देवताओं को पिला दिया। इससे सभी देवताओं ने अमरत्व मिल गया। यही वजह है कि इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है।


















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