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शोले के जय-वीरू से कम नहीं बाबा के दो दिव्यांग भक्तों का कहानी, हर सावन जाते हैं बैधनाथ धाम

भागलपुर:  सावन के महीने में बाबा बैधनाथ की भक्ति के अलग अलग रंग देखने को मिल रहे हैं.  बाबा के भक्तों के जीवन में परेशानियां कितनी भी क्यों न हो लेकिन भोलेनाथ की भक्ति में वो कोई कसर नही छोड़ रहे हैं. सुलतानगंज उत्तरवाहिनी तट पर ऐसे ही दो अनोखे भक्त मिले जो दोनों पैरों से पूरी तरह दिव्यांग है. लेकिन बाबा के प्रति उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं है. सबसे खास बात यह है कि दोनों वर्षों पुराने मित्र हैं  और दोनों विगत दस वर्षों से सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बैधनाथ धाम को जाते हैं।

Sawan 2023: शोले के जय-वीरू से कम नहीं बाबा के दो दिव्यांग भक्तों का कहानी, हर सावन में जाते हैं बैधनाथ धाम

बाबा धाम के रास्ते में लोग उन्हें दोनों दोस्तों को दिव्यांग दोस्त बम के नाम से जानते है. साथ ही दोनों के जज्बे को भी सराहते है. दरअसल ये दोनों दोस्त बचपन से दिव्यांग हैं. दोनों पटना जिले के मसौढ़ी के रहने वाले हैं. दिव्यांग राजू ने बताया कि मसौढ़ी में दुर्गा मंदिर में वर्षों पहले दोनों एक दूसरे से मिले थे. तभी से दोस्ती की शुरुआत हुई और दोनों दस वर्षों से बगैर किसी महत्वाकांक्षा के बाबा बैधनाथ धाम जाते हैं और चार दिनों में पहुंचते हैं. बाबा बैद्यनाथ के दोनों अनन्य भक्त महादेव से कुछ नहीं मांगते हैं।

बता दें कि सुलतानगंज उत्तरवाहिनी गंगा तट से पूरे सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु कांवड़ में जल लेकर बैधनाथ धाम जाते हैं. कई श्रद्धालु ऐसे होते हैं जो पूरी तरह से दिव्यांग रहते हैं उनके साथ कई तरह की परेशानियां रहती है लेकिन महादेव के प्रति श्रद्धा ऐसी है कि उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। मनमस्त होकर बोलबम का जयकारा लगाते बैधनाथ धाम को रवाना हो जाते हैं. ऐसे में ये दोनों विकलांग दोस्त भी सुल्तानगंज से देवघर की 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हैं. पिछले 10 सालों से चले आ रहे बाबा की भक्ति के इस अनोखे स्वरूप की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

 

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