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जेडीयू में नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी कौन? उपेंद्र कुशवाहा से वि’वाद के बीच उठने लगे सवाल

बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सुप्रीम लीडर हैं। जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बगावत करने से पार्टी में घमासान मचा हुआ है। इस बीच अब सवाल उठने लगे हैं कि जेडीयू का उत्तराधिकारी कौन होगा। यानी कि नीतीश कुमार के बाद जेडीयू कौन संभालेगा। पूर्व डिप्टी सीएम एवं बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने 2025 के लिए तेजस्वी यादव को महागठबंधन का उत्तराधिकारी तो घोषित कर दिया लेकिन अपनी पार्टी जेडीयू का उत्तराधिकारी तय नहीं कहा है।

जेडीयू में नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी कौन? उपेंद्र कुशवाहा से विवाद के बीच उठने लगे सवाल

सुशील मोदी का कहना है कि इससे जेडीयू विधायकों का भविष्य खतरे में हैं। नीतीश कुमार बार-बार कहते हैं कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। ऐसे में उन्हें तेजस्वी यादव या अपनी ही पार्टी के किसी नेता को सीएम की कुर्सी सौंप देनी चाहिए। जेडीयू विधायक अगला चुनाव किसके चेहरे पर जीतेंगे, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को जेडीयू का उत्तराधिकारी भी तय करना चाहिए। आरजेडी के 60 से ज्यादा विधायक अभी ऐसे हैं, जो पिछले चुनाव में जेडीयू को हराकर विधानसभा पहुंचे। इन सीटों पर जेडीयू का भविष्य अंधेरे में है।

उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश की तकरार विवाद

साल 2021 में जब उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी रालोसपा का जेडीयू में विलय किया गया था, तब ये कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश के बाद पार्टी की कमान वे ही संभालेंगे। हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा सीएम नीतीश और पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। वे कई बार मीडिया के सामने खुद को जेडीयू में साइडलाइन किए जाने के आरोप लगा चुके हैं। उनकी जेडीयू से विदाई तय मानी जा रही है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा जेडीयू छोड़कर गए तो किसे उत्तराधिकारी बनाया जाएगा।

आरसीपी सिंह भी जेडीयू से बाहर

दूसरी ओर, किसी समय जेडीयू के बड़े नेता माने जाने वाले आरसीपी सिंह भी पिछले साल पार्टी छोड़ दी। एक समय में वे भी नीतीश के उत्तराधिकारी माने जा रहे थे। आरसीपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे थे। बीजेपी से नजदीकियों की वजह से उनका नीतीश कुमार से विवाद हुआ। जेडीयू ने उन्हें दोबारा राज्यसभा सांसद नहीं बनाया, इस वजह से उन्हें केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

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