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श्रृंगार गौरी के लिए निकले विश्‍व हिंदू सेना के अध्‍यक्ष हिरा’सत में

सावन के चौ‍थे और अंतिम सोमवार पर एक बार फिर ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद सामने आ गया। सोमवार को अस्सी घाट से विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक कार्यकर्ताओं के साथ निकले थे।

Gyanvapi Case: श्रृंगार गौरी के लिए निकले विश्‍व हिंदू सेना के अध्‍यक्ष हिरासत में, नेताजी की प्रपौत्री को प्रयागराज में रोका गया

वाराणसी पुलिस ने उन्‍हें 4 कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में ले लिया। इस कार्यक्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी को भी आमंत्रित किया गया था जिन्‍हें दिल्‍ली से वाराणसी आते समय बीच रास्‍ते प्रयागराज में उतार लिया गया। उन्‍हें प्रयागराज पुलिस गेस्ट हाउस में रखा गया है।

बता दें कि अरुण पाठक की ओर से पहले से ही घोषणा की गई थी। इसके तहत पहले से ही फोर्स तैनात थी। अरुण पाठक के अस्सी पहुंचकर गंगा में आचमन के दौरान ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक ने घोषणा की थी कि वे सावन के आखिरी सोमवार को श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए अस्सी से कार्यकर्ताओं के साथ निकलेंगे।

अरुण पाठक विश्वास करने योग्य नहीं : महामंडलेश्वर हेमांगी सखी
किन्नरों की महामंडलेश्वर हेमांगी सखी ने विश्व हिंदू सेना पर जमकर निशाना साधा है। उनके अनुसार अरुण पाठक की ओर से सावन के पहले सोमवार को अनुष्ठान के लिए आमंत्रित किया गया। अध्यक्षता करने और सहयोग करने की बात कही गई। हालांकि यह नहीं बताया गया कि उसने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। वाराणसी आने के बाद उनको यह जानकारी मिली।

बताया कि अरुण पाठक ने उनके किसी परिचित से संपर्क कर आमंत्रित किया था। महामंडलेश्वर हेमांगी सखी ने वाराणसी के एक होटल से अपना बयान जारी किया है। कहा है कि अरुण पाठक विश्वास करने योग्य नहीं है।

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