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बेटे की ह’त्या में शामिल मां गिर’फ्तार, मुजफ्फरपुर में 12 सालों से लं’ब‍ित था मामला

मुजफ्फरपुर : प्राथमिकी दर्ज करने के बाद फाइल दबाकर बैठे पुलिस पदाधिकारियों को जब एडीजी (एटीएस) की फ’टकार लगी तो कार्र’वाई तेज कर दी गई। इस कड़ी में नगर थाने की पुलिस ने 12 वर्षों से लंबित ह’त्या में फ’रार महिला इमामगंज की इसरतजहां को गिर’फ्तार किया है। महिला पर मा’रपीट कर बेटे की ह’त्या का आ’रोप है।

पूछताछ के बाद महिला को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। विदित हो कि इमामगंज में इसरतजहां दो बेटों मो. सोनू और मो. पेंटर व उसकी पत्नी के साथ रहती थी। अक्सर इन लोगों के बीच घरेलू वि’वाद होता था। 2010 में सोनू की मा’रपीट कर ह’त्या कर दी गई।

वा’रदात को अंजाम देकर इसरतजहां दूसरे बेटे व उसकी पत्नी के साथ फ’रार हो गई। महिला का पति अंजार अंसारी पंखाटोली में रहता था। जानकारी के बाद महिला के पति ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। साक्ष्य के आधार पर वरीय पुलिस अधिकारियों ने उनकी गिर’फ्तारी का आदेश जारी किया। हालांकि पूर्व के जांच अधिकारियों ने कोई कार्र’वाई नहीं की। नतीजतन केस लं’बित पड़ा रहा। मामले में मो. पेंटर व उसकी पत्नी अभी फ’रार हैं। इन दोनों की गिर’फ्तारी को लेकर पुलिस छापे’मारी कर रही है।

बता दें कि पिछले सप्ताह पटना से पहुंचे एडीजी (एटीएस) रविंद्रण शंकरण ने नगर थाने पर लंबित मामलों की समीक्षा की थी। इसमें 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित पड़े मामले सामने आए थे। इस पर एडीजी ने जमकर फट’कार लगाई। ला’परवाह पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद नगर व अन्य थाने की पुलिस ने फ’रार आरो’पितों की गिर’फ्तारी को कार्रवाई तेज की। इसका नतीजा रहा कि चार दिनों के भीतर पुराने मामले में तीन आरो’पितों की गिर’फ्तारी की गई। इसमें 25 वर्ष पूर्व अहियापुर में गो’लीबारी व ब’म वि’स्फोट के मामले में फरा’र दो आ’रोपित और नगर थाने में 11 वर्ष पूर्व डाककर्मी की ह’त्या में फ’रार सहायक डाक अधीक्षक को गिर’फ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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