बिहार बोर्ड ने इंटर का रिजल्ट देने की अंतिम तैयारी कर ली है। इस बार लड़कों को सिर्फ साइंस से उम्मीद है। आर्ट्स और कॉमर्स में लड़कियों ने बाजी मार ली है। टॉपर्स की सूची में इस बार सिमुलतला आवासीय विद्यालय से कॉमर्स का कोई परीक्षार्थी नहीं है। खास बात यह भी रहेगी कि इस बार मिथिला-तिरहुत का प्रभाव ज्यादा रहने की उम्मीद है। बुधवार को बिहार बोर्ड में एक्सपर्ट पैनल ने टॉपर तय करने के लिए सर्वाधिक प्राप्तांक वाले करीब 300 परीक्षार्थियों का रिव्यू किया।
सुबह 10 बजे से शाम तक चला रिव्यू
इंटर परीक्षा में सर्वाधिक प्राप्तांक लाने वाले ऊपर के करीब 300 परीक्षार्थियों को सोमवार-मंगलवार को फोन पर सूचना दी गई थी कि बुधवार सुबह 10 बजे उन्हें बिहार बोर्ड के दफ्तर आना है। कई परीक्षार्थियों को यह पक्का नहीं था कि उन्हें इंटर वाले ऑफिस जाना है या मैट्रिक वाले, इसलिए कुछ इंटर ऑफिस पहुंचे और वहां से घूमकर बोर्ड मुख्यालय पहुंचे। सुबह 8:56 से इन सभी परीक्षार्थियों को एक-एक गार्जियन के साथ अंदर जाने दिया गया। परीक्षार्थियों को गेट पर ही बता दिया गया कि चार-पांच घंटे लग सकते हैं। गार्जियन पानी वगैरह लेकर गए, हालांकि अंदर में नाश्ता-पानी की व्यवस्था थी।
आर्ट्स-कॉमर्स में लड़कियां मारेंगी बाजी
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा परिणाम की तारीख अभी नहीं बता रहा है, लेकिन होली से पहले 26 या 27 मार्च को लेकर तैयारी चल रही है। भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार इस बार टॉपर्स सूची में छात्रों को साइंस से ही उम्मीद है, जबकि कॉमर्स में लड़कियों का कब्जा रहेगा। ओवरऑल टॉपर्स सूची में लड़कियों का प्रभाव साफ दिखेगा। इसके अलावा इस साल के टॉपर्स में मिथिलांचल और तिरहुत क्षेत्र के जिलों का प्रभाव ज्यादा रहने की उम्मीद है।
कोरोना पर लिखवाया गया, 3-3 सवाल पूछे
बिहार बोर्ड में टॉपर्स घोटाले के बाद से रिव्यू की यह परंपरा चल रही है। बुधवार को रिव्यू में कोरोना को लेकर सामान्य ज्ञान समझने और राइटिंग मिलान के लिए सर्वाधिक प्राप्तांक वाले परीक्षार्थियों से हिंदी-अंग्रेजी में लिखवाया गया। हरेक परीक्षार्थी से औसतन 3 सवाल पूछे गए। रिव्यू के समय परीक्षार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं भी पैनल के पास थीं। निकलते समय परीक्षार्थियों से फॉर्म भरवा कर परीक्षार्थी और एक अटेंडेंट को आने-जाने का खर्च नकद में दिया गया।



Source: Bhaskar









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