पटना नगर निगम क्षेत्र में 31 जनवरी और राज्य में 31 मार्च से डीजल चालित ऑटो का परिचालन बंद कर दिया जाएगा। सरकार के इस आदेश से राज्य में 01 लाख 85 हजार डीजल चालित ऑटो बेकार हो जाएंगे, क्योंकि राज्य में डीजल चालित ऑटो में सीएनजी किट ही नहीं आयी है तो किट कैसे लगेंगे।
राज्य में अभी सिर्फ पेट्रोल चालित ऑटो में सीएनजी किट लगायी जा रही है। ऑटो चालकों का कह’ना है कि नए ऑटो में सीएनजी किट लगकर आ रहे हैं। पटना में आठ सीए’नजी रिफलिंग स्टेशन हैं। इनमें कई स्टेशन अक्’सर ख’राब रहते हैं। ऐसी स्थिति में शहरी क्षेत्र में 31 जनवरी से अगर डी’जल चालित ऑटो का परि’चालन बंद होता है तो पटना न’गर निगम क्षेत्र में 17 हजार से अधिक डीजल चालि’त ऑटो बेकार हो जाएं’गे और 17 हजार ऑटो चला’ने वाले ऑटो चालक के परि’वार वालों के सामने रोजी-रोटी की समस्’या आ जाएगी। बता दें कि राज्य में दो लाख 65 हजा’र ऑटो का चल रहे हैं।

सीएनजी किट लगा’नी भी है महंगी
ऑल इंडिया रोड ट्रांस’पोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महास’चिव राज’कुमार झा का कहना है कि राज्य में ऑटो में सीए’नजी किट ल’गानी महं’गी है। पेट्रोल चालित ऑटो में 27 हजार रुप’ये में सीएनजी किट लग’ते हैं जबकि दिल्ली सहि’त अन्य शहरों में पांच हजार रुप’ये में सीएनजी किट लगायी जा’ती है। यूनियन ने डीजल चा’लित ऑटो के परिचा’लन बंद करने को लेकर सोमवार को प’रिवहन मंत्री से मिल’कर मांगप’त्र सौंपा है।
क्या कहते हैं सचि’व
परिव’हन सचिव संजय कुमार अग्रवा’ल का कहना है कि राज्य में अभी डीज’ल चालित ऑटो के लिए सीए’नजी किट नहीं आयी है। छह ह’जार नए सीएनजी ऑटो राज्य में आ चुके हैं। सीए’नजी ऑटो खरी’दने पर सर’कार 40 हजार की सब्सि’डी भी दे रही है। ऑटो यूनि’यन ने एक आवेदन दिया है। इसमें डीज’ल चालित ऑटो का परिचा’लन बंद करने का समय बढ़ा’ने की मांग की गई है।









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