बिहार विधान’सभा चुना’व के नती’जे घो’षित होने के डेढ़ महीने बीच चुके हैं। कांग्रे’स पार्टी अभी तक अपने फ्’लॉप शो के का’रणों का आक’लन नहीं कर पाई है। वहीं, दूसरी तरफ आर’जेडी के कई नेता विधान’सभा चुनाव में महागठ’बंधन की हार की ठीकरा आरजे’डी पर फोड़ चुके हैं। कांग्रेस को छोड़क’र करीब-करीब सभी राजनी’तिक दलों ने अपने प्रदर्शन की समीक्षा या तो कर ली है या फिर शुरू कर दी है।
बिहार विधा”नसभा चुनाव में 75 सीटों पर जीत के साथ आरजे’डी अकेली सबसे बड़ी पार्टी बन”कर उभरी, वहीं कां’ग्रेस को पिछले चुनावों की तुल’ना में खराब प्रदर्शन कर’ते हुए महज 19 सीटों पर संतो’ष करना पड़ा। इस चुनाव में महाग’ठबंधन में शामिल वाम दलों ने भी अ’च्छा प्रदर्शन किया है।
ऑल इंडिया कां’ग्रेस कमेटी (AICC) के महास’चिव तारिक अनवर और बि’हार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के प्रचार समिति के प्रमु’ख अखि’लेश प्रसाद सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पार्टी को जल्द ही संग’ठन के पुनर्नि’र्माण के लिए हार की औपचा’रिक समीक्षा की आवश्य’कता है।

अनवर, एक पूर्व कें”द्रीय मंत्री भी हैं, उन्हें उम्मी’द है कि एआ’ईसीसी जल्द ही समीक्षा करेगी। दिल्ली में पार्टी नेता’ओं के साथ हुई चर्चा का हवा’ला देते हुए उन्हों’ने कहा कि बिहार में हार की स’मीक्षा AICC के एजें’डे में है। वही, अखिलेश सिंह ने बिहा’र कां’ग्रेस प्रमु’ख मदन मोहन झा और पार्टी के अन्य नेताओं रणदीप सिंह सुरजेवाला और शक्तिसिंह गोहिल द्वारा तैयार की गई “त्रुटि’पूर्ण” चुनावी रणनी’तियों को उन सीटों पर हार के लिए जिम्मे’दार ठह’राया, जो कि पार्टी जी’तने के लिए आश्वस्त थे।
उन्होंने कहा, “हमने मि’थिलांचल को खो दिया, क्यों’कि हमने अपने उम्मीद’वार को जाले विधान’सभा सीट के लिए पुनर्वि’चार करने से मना कर दिया, जिस’ने विप’क्ष को हिंदू-मुस्लिम विभा’जन बनाने का मौदा दे दिया। मैंने हर सीट पर (हमारे प्रदर्शन पर) अध्’ययन किया है और जा’ना है कि पार्टी कैसे हार गई। मैं पा’र्टी के वरिष्ठ, राहुल गांधी को सम’झाने के लिए तैयार हूं।”
बिहार कांग्रेस अध्’यक्ष मदनमो’हन झा ने कहा कि गोहि’ल की लंबी बीमा’री समी’क्षा में देरी का कारण बन रही थी। व’रिष्ठ नेता अक्सर सदा’कत आ’श्रम में मिलते हैं और हार के कार’णों पर अनौप’चारिक रूप से चर्चा करते हैं। हा’लांकि एक औपचा’रिक समीक्षा की आवश्य’कता है।
कांग्रे’स पार्टी के एक व’रिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने दावा किया, ”पार्टी का ढी’ला रवैया कार्य’कर्ताओं के मनोबल को ध्व’स्त कर दिया था। राजद और वाम दलों के ने’ताओं ने चुनाव में हार के लिए अ’क्सर कांग्रेस नेतृत्व की आलो’चना की क्योंकि राज्य के पार्टी नेता’ओं में साह’स की कमी थी। राज’द के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने पार्टी नेतृत्व की आलो’चना की। लेकिन दुख की बात है कि बि’हार कां’ग्रेस में प्र’मुख पदों पर बैठे लोगों ने प्रतिक्रि’या देने से इनकार कर दिया।“ उन्’होंने कहा कि कुछ नेता अपनी खुद की खाल को बचाने के लिए महत्व’पूर्ण समीक्षा बैठक से बच रहे थे।
हाल ही में, शिवा’नंद तिवारी ने राहुल गांधी पर निशा’ना साधा था। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास गुण’वत्ता की कमी है और इसलि’ए वे लोगों को प्रेरित नहीं क’रते हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्य’क्ष को देश के लिए अपने ‘बेटे के लि’ए अंधे प्रेम’ को त्यागने की स’लाह दी। तिवारी के हमले का जवाब देने के लिए एआई’सीसी मीडिया पैनलिस्ट और एमए’लसी प्रेम चंद्र मिश्रा एक’मात्र प्रमुख नेता थे।









Be First to Comment