मुजफ्फरपुर जिले में एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया. सास की संपत्ति हड़पने की लालच में एक दामाद ने अपने ही साले को झूठे लूटकांड में फंसाकर जेल भिजवाने की पूरी प्लानिंग कर डाली. आरोपी ने सबूत के तौर पर घटनास्थल पर साले का वोटर आईडी तक गिरवा दिया, ताकि पुलिस उसी पर शक करे. हालांकि, पुलिस की जांच में पूरा खेल सामने आ गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
मामला कांटी थाना क्षेत्र का है, जहां 25 जून की रात एक लूट की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया. तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नितेश चौबे को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ के दौरान नितेश चौबे ने पुलिस के सामने पूरी साजिश कबूल कर ली. उसने बताया कि उसकी नजर अपनी सास की संपत्ति पर थी. इस योजना को सफल बनाने के लिए वह पहले अपने साले धर्मेश कुमार को किसी झूठे मामले में जेल भिजवाना चाहता था. इसके बाद उसे छुड़ाने के बहाने सास की जमीन पर कब्जा करने की योजना बनाई गई थी.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने दोस्त मनीष कुमार को विश्वास में लेकर सास का मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते से जुड़े दो पुराने दस्तावेज रास्ते में फिंकवा दिए. बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर लूट की झूठी कहानी गढ़कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई, ताकि जांच का शक धर्मेश कुमार की ओर जाए। जांच के दौरान पुलिस को कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले, जिससे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि लूट की घटना पूरी तरह सुनियोजित साजिश थी. आरोपी का मकसद अपने साले को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजना और बाद में सास की संपत्ति पर कब्जा करना था. पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.











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