नवादा: जिले के वारिसलीगंज प्रखंड स्थित साम्बे दुर्गा मंदिर परिसर में रविवार को एक विरल और आश्चर्यजनक दृश्य देखने को मिला। सरस्वती पूजा के विसर्जन के दिन, जब श्रद्धालु मां शारदे की विदाई की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक एक सफेद रंग का उल्लू आकर मां सरस्वती की प्रतिमा पर बैठ गया। विसर्जन की गहमागहमी के बीच पक्षी का इस तरह प्रतिमा पर आकर बैठना पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उल्लू को धन की देवी मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है, जबकि मां सरस्वती का वाहन हंस है। ऐसे में ज्ञान की देवी की प्रतिमा पर लक्ष्मी के वाहन का बैठना लोगों के लिए कौतूहल और श्रद्धा का विषय बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे एक अत्यंत शुभ संकेत माना है। लोगों का कहना है कि यह ज्ञान और धन की देवी का एक साथ मिला हुआ आशीर्वाद है, जो गांव में सुख-समृद्धि लेकर आएगा।

घटना की सबसे खास बात यह रही कि विसर्जन के शोर-शराबे और भीड़ के बावजूद वह उल्लू वहां से नहीं हिला। ग्रामीणों ने उसे वहां से सुरक्षित उड़ाने के लिए डंडे का सहारा लिया और आवाजें भी दीं, लेकिन पक्षी अडिग होकर प्रतिमा पर ही बैठा रहा। उल्लू के इस व्यवहार को देखकर लोगों का विश्वास और गहरा हो गया और वे इसे किसी दैवीय चमत्कार या विशेष संयोग के रूप में देखने लगे।












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