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बिहार में आज से राजगीर महोत्सव, 3 दिन कैलाश खेर समेत जुटेंगे देश के नामचीन कलाकार

नालंदा: बिहार की ऐतिहासिक नगरी राजगीर एक बार फिर सांस्कृतिक उत्सव की रंगत में रंगने को तैयार है. तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का आगाज आज से हो रहा है, जिसमें बॉलीवुड के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे.

उद्घाटन और मुख्य आकर्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज महोत्सव का उद्घाटन करेंगे. शाम को सूफी गायकी के जादूगर कैलाश खेर अपनी मधुर आवाज से पंच पहाड़ियों को गूंजाएंगे. उनके हिट गाने जैसे ‘तेरी दीवानी’ और ‘सैयां’ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे.

Rajgir Mahotsav 2025

कलाकारों का लाइन-अप

20 दिसंबर को इंडियन आइडल फेम सलमान अली अपनी दमदार प्रस्तुति देंगे. 21 दिसंबर को भव्या पंडित समां बांधेंगी. मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आरआईसीसी) के पास हॉकी मैदान में होंगे.

स्थानीय कलाकारों को मौका

प्रशासन ने पूर्ण तैयारियां कर ली हैं. जर्मन हैंगर का निर्माण किया गया है, जो एयर, वाटर और फायर प्रूफ है, ताकि दर्शकों को प्राकृतिक वादियों में आरामदायक अनुभव मिले. महोत्सव को सुचारू बनाने के लिए 32 समितियां गठित की गई हैं. इस बार की खासियत यह है कि बड़े कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी मंच साझा करेंगी. दिन में स्थानीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे.

ग्रामश्री मेला और विविध आयोजन

ग्रामश्री मेला 19 से 25 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 270 स्टॉल लगेंगे. बिहार के अलावा झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित होंगे. इसके साथ कृषि मेला, व्यंजन मेला, नुक्कड़ नाटक, आर्ट गैलरी, पालकी सज्जा, सर्वधर्म मंगलाचरण और खेल प्रतियोगिताएं जैसे कबड्डी, खो-खो, कराटे, क्रिकेट और कुश्ती का आयोजन होगा.

महोत्सव का इतिहास
स्थानीय जानकार सुजीत कुमार वर्मा ने बताया कि राजगीर महोत्सव की शुरुआत 1986 में खजुराहो महोत्सव की तर्ज पर पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री सुरेंद्र प्रसाद तरुण ने करवाई थी. पहला आयोजन 4 अप्रैल 1986 को सोन भंडार के पास हुआ, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दुबे और केंद्रीय पर्यटन मंत्री एचकेएल भगत शामिल हुए.
स्थान परिवर्तन की यात्रा
कई बार महोत्सव का स्थान बदला गया. कभी यूथ हॉस्टल, किला मैदान, हॉकी मैदान, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर रखा गया. वहीं हाल के वर्षों में स्टेट गेस्ट हाउस परिसर में महोत्सव किया गया. स्थानीय लोग मानते हैं कि किला मैदान और यूथ हॉस्टल आम जनता के लिए अधिक सुविधाजनक थे.
प्रसिद्ध कलाकारों की परंपरा
वर्षों से इस मंच पर हेमा मालिनी, अनूप जलोटा, अलका याग्निक, उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल जैसे दिग्गज कलाकार आ चुके हैं. मूल उद्देश्य नालंदा के इतिहास को वैश्विक पहचान दिलाना और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना था, लेकिन अब यह अधिकतर स्थानीय दर्शकों तक सीमित हो गया है.
सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
राजगीर महोत्सव अब बिहार की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है. पंच पहाड़ियों की गोद में सूफी संगीत, लोक कला और मेले का यह संगम पर्यटकों को आकर्षित करने का बड़ा माध्यम है. इस बार भी यह आयोजन राजगीर की प्राकृतिक और ऐतिहासिक छटा को नई ऊंचाई देगा.
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