बिहार : बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भूमि सुधार जनकल्याण संवाद शुरू करते हुए राजस्व कर्मियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संवाद के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त रवैया में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगली बार थरथराने का भी समय नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जानबूझकर या गलत तरीके से दाखिल-खारिज और मापी कर भूमि विवाद पैदा किया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे जालसाजों को यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी मदद करते हैं तो उनपर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
रैयतों की जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए विजय सिन्हा ने शुक्रवार को पटना से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने अपने आवास पर पटना जिले के लोगों की समस्याएं सुनीं और हाथों-हाथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनका निराकरण कराने का निर्देश दिया।

संवाद के दौरान एक आवेदक की समस्या के बारे में जब डिप्टी सीएम ने राजस्व कर्मी से सवाल किया तो वह थरथराने लगा। इस पर सिन्हा ने कहा कि इनकी समस्या का 15 दिन के भीतर समाधान होना चाहिए, नहीं तो अगली बार थरथराने का भी मौका नहीं देंगे।

फोन पर सीओ को लगाई फटकार
संवाद के दौरान संपतचक के डॉ. विवेक बिक्रम ने शिकायत करते हुए कहा कि भोगीपुर में अपनी जमीन का दाखिल-खारिज के लिए पांच महीने से आवेदन किए हैं, लेकिन अब तक काम नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया उच्च स्तर के अधिकारियों से भी फोन करवाया, लेकिन सीओ ने जमाबंदी नहीं की। इस पर विजय सिन्हा ने सीओ को जमकर फटकार लगाई और स्पष्टीकरण मांगा।

सिन्हा ने लोगों से कहा कि अगर कोई समस्या है तो सबसे पहले निचले स्तर पर शिकायत करें। इसकी रिसीविंग अपने पास रखें। सुनवाई नहीं होने पर ऊपर के अधिकारियों से शिकायत करें।

फिर भी समाधान नहीं होता है तो सभी शिकायतों की रिसीविंग के साथ सचिव या डिप्टी सीएम के यहां आवेदन दें। नीचे से लेकर ऊपर तक सभी लापरवाह अधिकारी, कर्मियों पर ऐक्शन लिया जाएगा।










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