मुजफ्फरपुर: बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद मुजफ्फरपुर में प्रदर्शन का फेक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया. इस वीडियो के माध्यम से हिंसा भड़काने की कोशिश की गयी. इस मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.
माहौल बिगाड़ने की कोशिश
पुलिस ने इसे नेपाल में हाल के दिनों में हुए GEN-Z जैसे हिंसक प्रदर्शनों की तर्ज पर बिहार में माहौल बिगाड़ने की कोशिश माना है. मुजफ्फरपुर साइबर थाना ने एक युवती पर साजिश के आरोप में FIR दर्ज की है. पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

सड़कों पर युवा का विरोध प्रदर्शन
साइबर पुलिस के अनुसार युवती ने ट्विटर (X) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव परिणाम के बाद बिहार की सड़कों पर युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. साइबर सेल की जांच में वीडियो पूरी तरह फेक और भ्रामक पाया गया.
फेक वीडियो पोस्ट किया
साइबर थाना में तैनात एएसआई दयाल नारायण सिंह ने FIR दर्ज कराते हुए कहा कि वीडियो नकली होने के बावजूद उसे वास्तविक प्रदर्शन बताकर वायरल किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य अफवाह फैलाना और समाज में अशांति, नफरत तथा दंगा भड़काने जैसा था.

एएसआई दयाल नारायण सिंह ने बताया कि हाल ही में नेपाल में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में फेक और उकसाऊ वीडियो साझा किए गए थे. इस हिंसा में 19 लोगों की मौत हुई थी. युवती द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो की शैली और प्रस्तुति भी उसी तरह की प्रतीत होती है. मानो बिहार में भी नेपाल जैसे हालात पैदा करने की कोशिश की गयी.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि चुनावी माहौल में ऐसी गतिविधियाँ जन-शांति भंग करने और सामूहिक उन्माद फैलाने का प्रयास है, जिन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल साइबर थाना घटना की आगे जांच कर रहा है.









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