मोतिहारी के मीना बाजार और दम समाज चौक में आवारा कुत्तों के लगातार हमलों ने शहरवासी दहशत में डाल दिया है. आधा दर्जन से अधिक मासूम बच्चे घायल हो चुके हैं. जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर सुनवाई ना होने से लोग बढ़ते संकट के बीच अकेले महसूस कर रहे हैं. ऐसे में संसद और सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में जारी निर्देशों की जमीन पर लागू होने की मांग जोर पकड़ रही है.

मोतिहारी शहर के दो प्रमुख इलाकों—मीना बाजार और दम समाज चौक—में हालिया दिनों में आवारा कुत्तों ने आधा दर्जन से अधिक नन्हे बच्चों पर हमला किया है. चोटिल बच्चों को मोतिहारी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां रात भर उनका इलाज चलता रहा.



मोहम्मद शोएब, जो अपने बच्चे को अस्पताल में लेकर आए थे, कहते हैं कि “ये डरावनी तस्वीर हमें सोचने पर मजबूर करती है कि कहीं प्रशासन की उदासीनता एक बड़े हादसे को न्योता तो नहीं दे रही?”



प्रशासन की बेरूखी और जनमानस का असंतोष
स्थानीय लोग शिकायत करते हैं कि जिला प्रशासन और नगर निगम इस समस्या से निपटने में पूरी तरह असफल रहे हैं.




शबनम अख्तर का कहना है कि, “मेरा पोता घायल हो गया, उसकी जान कभी भी जा सकती थी—लेकिन तत्काल व्यवस्था न होने से तकलीफ आगे बढ़ गई.” लोग अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को मोतिहारी में लागू करने की मांग तेज कर रहे हैं.





















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