दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बीच पटना में लगे “जीत चाहिए तो नीतीश चाहिए” के पोस्टर पर राजनीति गर्मा गई है। लोजपा रामविलास के मुखिया चिराग पासवान ने इसे जेडीयू की दबाव की राजनीति बताया है। उन्होंने कहा कि नीतीश की जेडीयू पोस्टर के जरिए INDIA गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियों के नेताओं पर दबाव बना रही है। नीतीश कुमार गठबंधन को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं, बल्कि खुद ही आगे बढ़ना चाहते हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश के पोस्टर दबाव की राजनीति की परिकाष्ठा है। एक ऐसा गठबंधन जो अभी तक स्वरूप भी नहीं ले पाया, वे उस पर दबाव डाल रहे हैं। नीतीश कुमार पहले मीटिंग में आने पर आनाकानी करते हैं और बैठकों में अपने प्रतिनिधियों को भेजते हैं। फिर जब खुद मीटिंग में जा रहे हैं तो अपनी ही पार्टी से पोस्टर लगवा रहे हैं। यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सिर्फ सत्ता और कुर्सी से प्यार है। उन्हें सिर्फ इसी बात से लेना देना है, कि वे खुद कैसे आगे बढ़ें। गठबंधन को आगे बढ़ाने से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
चिराग ने आगे कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता नकार चुकी है। उन्हें देश की जनता कैसे स्वीकार करेगी, यह समझ नहीं आता। बिहार के लोग ही उनका साथ नहीं हैं। विपक्षी नेता भी भली-भांति इस बात को जानते हैं। इसलिए नीतीश विपक्षी दलों पर दबाव डाल रहे हैं।
उन्होंने INDIA गठबंधन की तुलना करते हुए कहा कि एनडीए के पास चेहरा है, नीती है, सीटों शेयरिंग फॉर्मूला भी है। 2014 और 2019 में एनडीए के अंदर अच्छे से सीट शेयरिंग हुई थी। सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष के गठबंधन में हैं। उसमें सभी अलग-अलग विचारधारा के लोग हैं। बंगाल में ममता, कांग्रेस और लेफ्ट तीनों एक साथ कैसे आएंगे। इस तरीके से सामंजस्य बैठाना विपक्ष के लिए कठिन होने वाला है। जो गठबंधन अपना नेता तय नहीं कर पाया, वो सीट शेयरिंग आसानी से कैसे कर लेगा।
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