पटना: परिवहन और ट्रैफिक पुलिस अब हैंड हेल्ड डिवाइस (एचएचडी) से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान काटती है। इस दौरान कई चालान मानवीय भूल के कारण गलत कट जाते हैं। इनमें सुधार और चालान को रद्द करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस तरह की लगातार शिकायतें परिवहन मुख्यालय को मिली। तब परिवहन मुख्यालय ने चालान में संशोधन और रद्द करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेज्योर (एसओपी) तैयार कर जारी कर दिया है। इसके तहत भूल होने पर चालान में संशोधन के साथ उसे रद्द भी किया जा सकेगा। इसके लिए राज्य परिवहन आयुक्त डॉ. आशिमा जैन ने सभी जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी, डीटीओ को पत्र लिखा है।
परिवहन आयुक्त ने पत्र में कहा है कि जुर्माना करने के क्रम में कई तरह के मानवीय भूल के कारण जुर्माना लंबित रह जाता है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसी स्थिति में एसओपी जरूरी है, ताकि त्रुटि होने पर चालान का संशोधन और रद्द किया जा सकेगा। एसओपी के तहत चालान में संशोधन के लिए फार्म ए और चालान को रद्द करने के लिए फार्म बी जारी किया गया है।
फार्म ए के तहत संशोधन के लिए चालान करने वाले पदाधिकारी अपने नियंत्री पदाधिकारी से अनुशंसा लेकर डीटीओ को फार्म उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए नियंत्री पदाधिकारी को फार्म में दी गई सूचना पर पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अग्रसारित करने को कहा गया है। फार्म में चालान करने वाले पदाधिकारी को संशोधन के लिए स्पष्ट कारणों का उल्लेख करना होगा। इसके बाद ही डीटीओ जरूरी कार्रवाई कर उसके रिकार्ड को अपडेट करेंगे।
बताना होगा ठोस कारण
फार्म बी के तहत चालान रद्द करने के लिए चालानकर्ता पदाधिकारी को ठोस कारण बताते हुए अपने नियंत्री पदाधिकारी से फार्म को अग्रसारित करना होगा। इसके बाद संबंधित पुलिस अधीक्षक पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद के मंतव्य के साथ परिवहन आयुक्त को अनुशंसा भेजनी है। इसकी एक कॉपी को संबंधित जिलों के डीटीओ को भी उपलब्ध कराना है।
इस अनुशंसा पर परिवहन आयुक्त चालान निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे। जिला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन कुमार ने बताया कि चालान में संशोधन और निरस्त करने के लिए परिवहन मुख्यालय द्वारा एसओपी जारी किया गया है। जैसा निर्देश मिला है, उसी अनुरूप कार्रवाई होगी।
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