जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू में जारी आतंरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ उपेंद्र कुशवाहा का विद्रोह जारी है। तो वहीं दूसरी तरफ शेखपुरा में एक दिवसीय कार्यक्रम के अवसर पर भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी अपनी ही पार्टी के विधायक पर जमकर बरस पड़े। अशोक चौधरी ने बरबीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन कुमार पर आरो’प लगाते हुए कहा कि, पिछले 7 वर्षों में उनके सहयोगी और समर्थक पूरी तरह से असहज महसूस कर रहे। हमारे लोगों को सम्मान मिलने में कठिनाई हो रही। उनका मनोबल टूट रहा।
बरबीघा की जनता के साथ हूं
दरअसल बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड के साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होने शेखपुरा पहुंचे थे। इसी बीच अपने भाषण के दौरान कहा कि मैं सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ हूं। उनके हर कदम पर उनके सभी सुख दुख में सदैव साथ खड़ा रहेंगे।
इस दौरान उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी कोई भी राजनीति महत्वकांक्षा नहीं है। वह स्वयं या उनके परिवार का कोई भी सदस्य यहां बरबीघा से चुनाव लड़ने नहीं आ रहा है। जिस बरबीघा की धरती और यहां के लोगों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्हें अब अकेला और उपेक्षित महसूस होने नही देंगे। यहां लंबे समय से लोगों के साथ आत्मीय संबंध रहने के कारण उन्हें ठगा महसूस रहने नहीं दिया जाएगा।
विधायक सुदर्शन कुमार पर बरसे अशोक चौधरी
मंत्री अशोक चौधरी ने अपने ही दल के विधायक सुदर्शन कुमार को आड़े हाथ ले लिया। और कहा कि विधायक सुदर्शन कुमार को इस बरबीघा की सीट से जिताने में उनके समर्थकों ने जी जान लगा दी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में मैं कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष था, उस समय मैंने उनको बरबीघा सीट से पार्टी टिकट देकर विधायक बनवाया।
फिर 2020 में जब मैं जदयू में आया तो उन्हें जदयू से टिकट दिलाया। उन्हें हमारे कार्यकर्ताओं ने तन मन एक करके जीत दिलाया। वे जीत हासिल भी किए, लेकिन उनके 7 वर्षों के कार्यकाल में अब तक उन कार्यकर्ताओं को उपेक्षित किया गया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मैं सत्ता में रहूं या न रहूं, लेकिन बरबीघा के विकास में कोई कमी आने नही आने दूंगा।
बता दें अभी जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच का घमासान थमा भी नहीं है, कि मंत्री अशोक चौधरी ने जदयू विधायक सुदर्शन कुमार पर ही कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप मढ़ दिया है। लगता है जदयू में जारी आंतरिक कलह जल्द खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है।

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