बिहार की राजधानी पटना में एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौ’त होने के बाद परिजनों ने बखे’ड़ा खड़ा कर दिया. अस्पताल में जम’कर बवा’ल हुआ और तो’ड़फोड़ की गई. हालात इस कदर बिगड़ गए कि मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ गया.

पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन उग्र लोगों ने उनकी एक न सुनी. इसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ वहां से तितर-बितर हुई.

जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात राजधानी पटना में एक महिला और उनके नवजात शिशु की मौत हो गई थी. दरअसल, शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के राजा बाजार में गेटवेल हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला को मंगलवार की रात भर्ती कराया गया था. महिला की हालत डिलीवरी के दौरान नाजुक हो गई. पहले नवजात बच्चे की मौत हो गई और उसके बाद देखते ही देखते महिला ने भी दम तोड़ दिया.

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पहले हॉस्पिटल में जमकर तोड़फोड़ की और फिर बेली रोड को जाम कर दिया. इस वजह से बेली रोड घंटों जाम रहा. इस दौरान आईजीआईएमएस में आने वाले एंबुलेंस को भी जाम में फंसे रहना पड़ा.

पुलिस पर प’थराव
पुलिस ने उ’ग्र लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की लेकिन नाराज परिजन सड़क से हटने को तैयार नहीं थे. उनके समर्थन में काफी संख्या में लोग सड़क पर जुट गए थे. बाद में पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया. इस दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया. काफी देर तक बेली रोड पर अफरा-तफरी का आलम रहा और सड़क से गुजरने वाले राहगीर काफी परेशान रहे. बाद में मौके पर कई थानों की टीम भी पहुंच गई और हालात को पूरी तरीके से काबू में किया.

किडनी निकालने का शक
पुलिस की मानें तो परिजनों को इस बात का शक हो गया था कि गर्भवती महिला की किडनी निकाल कर उसका ऑपरेशन किया गया. पुलिस ने परिजनों के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया. फिलहाल पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए आईजीआईएमएस भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सड़क जाम कर हंगामा करने वाले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन पर भी केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.





















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