बिहार में एक चौंकाने वाली घ’टना सामने आई है। दबं’गों ने एक दलित के श’व को घंटों तक नहीं निकलने दिया। आरो’प है कि दबं’गों ने प्रतिशोध में रास्ता ही रोक दिया था, जिसके कारण दलित की श’व यात्रा घंटों तक नहीं निकल सकी। पी’ड़ित पक्ष ने इस बाबत पुलिस में शिका’यत दी थी, लेकिन कोई का’र्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद दलितों ने मोबाइल फोन से कॉल कर आलाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंच कर हालात को सामान्य किया। हालांकि, तना’व को देखते हुए बड़ी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घट’ना न घटे।
जानकारी के अनुसार, दंब’गई का यह मामला छपरा के गड़खा का है। यहां के महादलित बस्ती में एक शख्स की मौ’त के बाद उनके श’व को कई घंटों तक गांव में ही रखना पड़ा, क्योंकि दबं’गों ने श’व यात्रा का रास्ता रोक दिया था। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद श’व यात्रा निकली और शख्स का अंति’म सं’स्कार किया जा सका।
मामला दोनों पक्षों के बीच वि’वाद का है, जिसे लेकर थाने में केस दर्ज कराया गया है। महादलितों द्वारा केस दर्ज कराए जाने से नारा’ज दबं’गों ने उनका रास्ता रोक दिया और ला’श घंटों तक गांव में पड़ी रही। दरअसल, दलितों ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अ’त्याचार निवारण कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है।
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